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बांधों की सुरक्षा‘रामभरोसे’

Thu, 16 Jul 2015 11:47 PM IST
बदायूं
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दातागंज में नवादा मधुकर को बचाने का काम और उसहैत बांध पर पथरामई के बचाव कार्यों में तीन करोड़ रुपये इसलिए आनन फानन में खर्च कर दिए गए कि कहीं मिला हुआ धन वापस न चला जाए। सबको पता था कि मानसून की दस्तक के बाद यह काम पूरा नहीं हो सकेगा। हुआ भी यही कहीं बाढ़ तो कहीं कटान धन को ठिकाने लगाने के लिए बचाव कार्य जहां के तहां छोड़ दिए गए। अब इस सीजन में कोई काम नहीं हो सकेगा। बांधों के रेन कटों को ठीक करने का काम बाढ़ खंड ने अभी भी नहीं किया है। अपनी ढिलाई का ठीकरा बाढ़ खंड ने सरकार के सिर फोड़ा है कहा है कि समय से धन न मिल पाने के कारण बचाव कार्य नहीं हो सके।
आधा दर्जन बांधों में से चार अति संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा प्रबंध किए जाने थे। सभी बांधों को रामभरोसे छोड़ दिया गया है। जैसी कि मौसम विज्ञानियों की घोषणाएं हैं। अगर, मानसून बेहतर रहा तो निश्चित तौर पर गंगा और रामगंगा तबाही मचाएंगी। बाढ़ खंड इसके लिए तैयार नहीं है।
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लटकी करोड़ों की परियोजनाएं
परियोजना-एक
उसहैत में पथरामई बाढ़ बचाव का काम सप्ताह पूर्व शुरू हुआ है। यह कार्ययोजना 764 लाख में 300 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। यहां परक्यूपाइन को चबूतरे भी तैयार नहीं हो सके हैं। जबकि गंगा ने इस स्थल को डुबो दिया है। काम बंद है। बाढ़ खंड अधिकारियों की मानें तो अब काम अक्तूबर मेें होगा। डेढ़ करोड़ रुपये यहां लगा दिए गए हैं।   
परियोजना-दो
रामगंगा की बदली धार से नवादा मधुकर गांव को बचाने के लिए 684 लाख की परियोजना में 300 लाख ही मिल चुके हैं। इस परियोजना का काम शुरू हुआ कि बाढ़ के पानी ने कोई काम नहीं होने दिया। लगभग डेढ़ करोड़ खर्च कर देने के बाद यहां बाढ़ खंड के इंजीनियरों की तकनीक भी फेल होती नजर आई। विपरीत परिस्थितियों में यहां भी काम बंद कर देना पड़ा है।
50 लाख खर्च, रेन कट तक नहीं सुधरे
जिले में गंगा से सीमावर्ती गांव और उपजाऊ भूमि को बचाने के लिए 104.000 किमी के छह बांध बने हैं। इनकी सुरक्षा को मात्र 50 लाख रुपये मिले हैं। इनसे गंगा महावा बांध पर टोंटपुर करसरी के पास और चंदनपुर हुसैनपुर बांध पर खेड़ा के पास कुछ काम होना बताया गया है। दो स्थानों पर उसहैत और उसावां बांधों पर काम कराया गया है। इसके बावजूद रेन कट ज्यों के त्यों पड़े हैं। टोंटपुर करसरी बांध पर तमाम रेन कट हैं। 50 लाख कहां गए। इस पर सवाल खड़े हैं।
बदायूं गंगा के बांध
नगला अजमेरी     16.5 किमी
गंगा महावा         34.9 किमी
चंदनपुर हुसैनपुर    17.5 किमी        
जोरी नगला          8.0 किमी
उसहैत             17.0 किमी
उसावां             10.5 किमी
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कुल लंबाई        104.4 किमी
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बदायूं। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में आई तेज गति से कमी के चलते अब कटान का कहर जारी है। सर्वाधिक असर सहसवान में है। वहीं गंगा किनारे की हजारों एकड़ खेती और मैदानी भाग के पेड़ पौधे गंगा और रामगंगा में तेजी से समा रहे हैं। बाढ़ खंड कुछ नही कर सका सहसवान क्षेत्र में सरकारी स्कूल ही कटान में ध्वस्त हो गया। कटान से गंाव और महत्व के इलाका बचाने के बाढ़ खंड के दावे काफी रकम खर्च करने के बाद भी पूरे नहीं हो सके।
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कछला गंगा का मीटरगेज पर रिकार्ड
15 जुलाई- 162.80
16 जुलाई- 162.60
रामगंगा का मीटरगेज पर रिकार्ड
15 जुलाई- 160.38
16 जुलाई- 160.12
गंगा में वाटर डिस्चार्ज डैम से (क्यूसेक में)
नरौरा
15 जुलाई- 44501
16 जुलाई- 40183
बिजनौर
15 जुलाई- 55700
16 जुलाई- 45905
हरिद्वार
15 जुलाई- 64705
16 जुलाई- 44474
एसई ने लिया बांधों का जायजा
बदायूं। बाढ़ खंड के एसई एके गुप्ता ने एक्सईएन इंतजुर्रहमान के साथ बांधों का जायजा लिया। वहीं सहसवान में कटान के बारे में पूछताछ की। एई प्रदीप कुमार ने बताया कि कटान डूब क्षेत्र में है।
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