यहां बता दें कि शासन ने बेसिक स्कूलों में मेन्यू को बदल दिया है, जिसके तहत अब बुधवार को कढ़ी चावल और खीर के स्थान पर प्रति बच्चे को 200 ग्राम दूध के साथ ही कोफ्ते-चावल दिए जाएंगे। बीएसए कृपाशंकर वर्मा ने बताया कि आज से नये मेन्यू के अनुसार जिले के स्कूलों में दूध और कोफ्ते बच्चों को दिए गए। यदि कहीं पर आज यह वितरित नहीं हो सका तो आने वाले बुधवार को वितरित किया जाए। बोले- इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। कहीं पर ढिलाई और लापरवाही मिलने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को स्कूलों के निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। इधर, विभागीय सूत्रों ने बताया कि आज कुछेक स्कूलों में ही बच्चों को दूध और कोफ्ते दिए गए। उन स्कूलों मेें कढ़ी चावल या फिर खीर ही वितरित की गई। कहा जा रहा है कि प्रधानाध्यापक इस बात को लेकर ज्यादा परेशान हैं कि बच्चों की संख्या के अनुसार दूध की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। सवाल उठ रहा है कि फिर कैसे वह शासन की मंशा के अनुसार बच्चों को दूध पिलवाएंगे।
बिसौली। प्राइमरी स्कूल, मदनजुड़ी में मिडडे मील में बच्चों को दूध पिलाया गया। चेयरमैन अबरार अहमद ने कहा कि दूध पीने से बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा होगा। इस मौके पर शिक्षक नेता अनुज शर्मा, शिक्षक साहू सार्वेन्द्र, सभासद विनीत वाष्र्णेय, अन्नू रस्तोगी, दयानंद, साहिब सिंह मौजूद रहे।