मोड बदलने के लिए तैयार की जा रही है कार्य योजना
ऊर्जा मंत्री के आदेश के बाद जिले में लगे स्मार्ट मीटर के प्रीपेड मोड को फेज के हिसाब से पोस्टपेड में बदलने का काम किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि प्रीपेड मोड को पोस्टपेड मोड में बदलने के लिए चार फेजों में काम किया जाना है। इसके लिए अभी कार्य योजना तैयार की जानी है। उसके बाद फेज के हिसाब से मीटरों को पोस्टपेड में बदला जाएगा। इसके बाद उपभोक्ताओं को पहले की भी भांति महीने के आखिर में बिजली बिल जमा करना होगा।
एसएमएस से आएगा बिल, समय सीमा में करना होगा भुगतान
स्मार्ट मीटर को प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलने के बाद हर माह की एक से 30 तारीख तक बिजली का बिल उपभोक्ता को मैसेज के जरिये भेजा जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता को तय की गई समय सीमा के अंदर बिल जमा करना होगा। इसके साथ ही जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है वह अपने मोबाइल नंबर विभागीय एप के माध्यम से दर्ज करा लें। इससे उनके मोबाइल पर विद्युत निगम की सूचनाएं प्राप्त होती रहेंगी।
अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री के आदेश के बाद कोई भी मीटर अब प्रीपेड मोड में नहीं बदला जाएगा। वहीं प्रीपेड मोड को पोस्टपेड मोड में बदलने के लिए फेज के हिसाब से जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए मीटर बदलने की कोई आवश्यकता नहीं होगी, सिर्फ मीटर की आंतरिक सैटिंग में ही निगम के द्वारा बदलाव किया जाएगा।
ग्राम जखेली में लोगों ने किया स्मार्ट मीटर का विरोध
सखानूं विद्युत उपकेंद्र पर स्मार्ट मीटर के खिलाफ सोमवार को जखेली के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। लोग अपने घरों से स्मार्ट मीटरों को उखाड़कर उपकेंद्र पर लेकर पहुंचे थे। उपकेंद्र पर पहुंचने के बाद उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटरों को जमीन पर फेंककर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए पुराने मीटर लगाने की मांग की थी। यह विरोध मंगलवार को भी जारी रहा।
जखेली के ग्रामीणों ने मीटर लगाने आई टीम को मीटर लगाने नहीं दिया। सभी स्मार्ट मीटर हटाकर फेंक दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आ रहा है। इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर को हटाने की मांग उठाई और निगम के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
सूचना मिलने पर जेई मनीष कुमार, जेई हरीश कुमार, एसडीओ विकास कुमार राजपूत और एसडीओ मीटर तुषार श्रीवास्तव आदि पहुंच गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि उन्हें पुराने मीटर ही चाहिए। वे स्मार्ट मीटर नहीं लगवाएंगे। महिलाओं ने बताया कि जहां एक दिन की मजदूरी करीब 300 रुपये है, वहीं रात भर में 245 रुपये तक का बिजली बिल आ रहा है। ऐसे में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।