मालवीय आवास पर धरना देते अधिवक्ता और निवेशक। संवाद
बदायूं। अमर ज्योति कंपनी के निदेशकों पर दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मजबूत पैरवी न होने की वजह से कोर्ट ने दोनों निदेशकों की गिरफ्तारी पर रोक 21 जुलाई तक बढ़ा दी है।
अमर ज्योति यूनिवर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शशिकांत और सूर्यकांत, मैनेजर अमित सिंह व अन्य के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। इस मामले में पहली एफआईआर असद अहमद ने दर्ज कराई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने दोनों निदेशकों की गिरफ्तारी पर दो जुलाई तक रोक लगा दी थी। बुधवार को मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई। वादी अशद अहमद के अधिवक्ता की कमजोर पैरवी के चलते कोर्ट ने निदेशकों की गिरफ्तारी पर 21 जुलाई तक रोक लगा दी है। इसके अलावा जिला बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद पाल सिंह परमार और पवन गुप्ता की ओर से दर्ज एफआईआर में अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।
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चौथे दिन भी जारी रहा धरना
निदेशकों की गिरफ्तारी के लिए बार एसोसिएशन के बैनर तले पीड़ितों का मालवीय आवास पर चौथे दिन भी धरना जारी रहा। पीड़ितों की मांग है कि निदेशकों की गिरफ्तारी हो और उनकी संपत्ति जब्त कर बिक्री की जाए। उससे पीड़ितों की धनराशि वापस कराई जाए। धरने की अध्यक्षता अधिवक्ता रोहित सक्सेना ने कही। उन्होंने कहा कि धरने में आरएलडी का समर्थन मिला है। इस दौरान उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, अरबाज, गुलशन, कृष्ण कुमार, रचित, योगेश सक्सेना सहित लोग मौजूद रहे।
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