जिले का बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में घपले-घोटाले की लगातार बढ़ रही शिकायतों के मद्देनजर निदेशक आनंद कुमार ने शाहजहांपुर की डीपीओ बुद्धि दुबे से बदायूं में जांच कराई है। जांच के बाद विभाग में काम कर रहे कुछ एनजीओ काली सूची में डाले जा सकते हैं।
विभाग में घपले और घोटालों का चक्र जहां टूट नहीं रहा है, वहीं शिकायतों की संख्या अचानक बढ़ गई है। यह बात निदेशक बाल विकास तक जा पहुंची है। फर्जी नियुक्ति, तमाम आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के फर्जी अभिलेख, एक-एक घर से चार से छह तक आंगनबाड़ी, किशोरवय सहायिका की नियुक्ति समेत तमाम ऐसे आरोप और जांचें हो चुकी हैं।
इन सब मामलों पर निदेशक अपने सूत्रों से भी जानकारियां संकलित कर रहे हैं। पिछले दिनों शाहजहांपुर की डीपीओ बुद्धि दुबे का बदायूं आना और निदेशक के निर्देश पर गुपचुप जांच कर रिपोर्ट सीधे उनको देना, विभाग के विश्वनीयता के घेरे में आना दर्शाती है। डीपीओ निर्मला शर्मा ने डीपीओ शाहजहांपुर के यहां पहुंचने और औचक निरीक्षण करने की पुष्टि की। कहा, जहां शिकायतें हैं, वहां की जांच वह पहले से ही कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक डीपीओ शाहजहांपुर ने बदायूं के अलावा, म्याऊ, सालारपुर और उसावां का निरीक्षण किया था।
सूत्र बताते हैं कि यहां एनजीओ द्वारा हॉटकुक्ड आवंटन भी जांच के घेरे में हैं। निदेशक ने बदायूं के अलावा जितने भी जिलों में जांचें कराई हैं। हॉटकुक्ड के मामले में कई एनजीओ को काली सूची में डलवा चुके हैं। दरअसल, हॉटकुक्ड में व्यवस्था में लगे एनजीओ को राजनीतिक प्रश्रय देकर मनमानी कराई जा रही है। जिले में 15 एनजीओ हॉटकुक्ड का काम देख रहे हैं।