बदायूं। पर्यावरण संरक्षण व विद्यालयों को हरा-भरा बनाने के लिए अब परिसर में बाल वन विकसित किए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर बाल वन विकसित करने की तैयारी कर ली है। अब जिले के शिक्षा अधिकारी स्कूल चयन कर वन विभाग को सूची भेजेंगे।
धरा को हरा-भरा बनाने के लिए स्कूलों में फल-फूल और छायादार पौधों को रोपित कराया जाएगा। इसी सत्र में स्कूलों में उपलब्ध भूमि के अनुसार पौधे रोपित कराकर बाल वन विकसित किए जाएंगे। वन विभाग ने स्कूलों में बाल वन विकसित करने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी से समन्वय कर तैयारी तेज कर दी है। बाल वन विकसित होने से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी आएगी। वह जीवन में पौधों के महत्व को भी अच्छे से समझ पाएंगे।
वन विभाग की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्कूल चयन के लिए कहा गया है। स्कूल चयनित होने के बाद पौधारोपण के लिए गड्ढा खोदाई और मृदा सुधार का कार्य कराया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ लालजी यादव ने बताया कि स्कूलों का जल्द ही चयन कर सूची वन विभाग को भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा ऐसे सकारात्मक कार्य स्कूलों में ही नहीं, बल्कि सभी संस्थाओं में होने चाहिए। कहा कि स्कूलों में बाल वन विकसित होने से स्कूलों में वातावरण शुद्ध व पर्यावरण संरक्षण भी होगा।