स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में जाने के बाद से ही उनकी बेटी अपर्णा मीडिया की सुर्खियों में हैं। उन्होंने कुछ ऐसे बयान भी दिए जो पार्टी के लोगों को निशाना बना रहे थे। इस पर जब उनसे सवाल किया गया तो उनका कहना था कि वह अपर्णा पर नहीं, घरों में बैठे फेसबुकियों पर कटाक्ष किया था।
स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी बदायूं सांसद डॉ. संघमित्रा मंगलवार को बदायूं कलक्ट्रेट परिसर पहुंचीं और शहर व बिल्सी के भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन में शामिल हुईं। लंबे समय बाद वह यहां मीडिया से मुखातिब हुईं और भाजपा से अपने जुड़ाव को सार्वजनिक किया। कहा कि सभी छह प्रत्याशी चुनाव जीतेंगे। स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में जाने से चुनाव में फर्क के सवाल को वह टाल गईं।
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इससे पहले मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव के भाजपा में आने पर फेसबुक पर तंज कसने वाली बदायूं सांसद संघमित्रा के तेवर पार्टी के आम कार्यकर्ताओं को असमंजस में आ गए थे। लखनऊ आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहीं संघमित्रा मीडिया से सीधे संवाद से बच रहीं थीं पर फेसबुक पर बराबर सक्रिय थीं। उन्होंने जनविश्वास यात्रा के दौरान रथ पर साथ में मौजूदगी का फोटो डालकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को दो साल पूरे करने पर बधाई भी दी थी।
अपर्णा यादव के भाजपा का दामन थामने के बाद बदायूं की भाजपा सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने अगड़े और पिछड़े वर्ग को लेकर सवाल उठाए थे। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपर्णा यादव का चचेरा भाई बताया था। अपने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़कर सपा में शामिल होने की ओर इशारा करते हुए कहा था कि हफ्ता भर पहले एक बेटी का पिता पार्टी बदलता है तो पुत्री पर वार हो रहा था।
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एक बहू अपने चचेरे भाई (योगी जी) के साथ एक पार्टी से दूसरी पार्टी में आती है तो स्वागत होता है। क्या इसको भी वर्ग से जोड़ा जाना चाहिए कि बेटी (मौर्य) पिछड़े वर्ग की है और बहू (बिष्ट) अगड़े वर्ग से है। उन्होंने लिखा है कि क्या बहन-बेटी की भी जाति और धर्म होता है?