सबसे पहले बदायूं में सीसी रोड और ड्रेनेज सिस्टम से लकदक होंगे गांव
आसफपुर ब्लाक के गांव ओरछी में उतारी गई योजना
पीडब्ल्यूडी के मानकों के अनुसार गांवों में सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम का बदायूं से गया मॉडल राज्य सरकार को भा गया है। इसी मॉडल पर पूरे प्रदेश में गांवों को विकास से लकदक किया जाएगा।
डीएम चंद्रप्रकाश त्रिपाठी और सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने अधिकारियों की टीम के साथ इस योजना को गति प्रदान करने को आसफपुर ब्लाक के गांव ओरछी का भ्रमण किया। गांवों में विकास को नई जान डालने के लिए यहां एकत्र ग्राम प्रधानों ने डीएम का स्वागत किया।
जिले के सभी1038 गांवों में सीसी रोड और ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कराने की योजना राज्य ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत शुरू की गई है। सात किस्तों में पूरे साल आने वाले धन से गांवों का विकास होगा। पहले गांवों को 50 हजार रुपये से अधिक का काम ग्राम पंचायतें नहीं कर सकती थीं। गांवों में कोई गली, सड़क और चकरोड नहीं बचेगा, जो इस योजना से लाभन्वित न हो। जिले में काम को देखते हुए इसके लिए देर रात में भी काम किया जा रहा है। जिला पंचायत के इंजीनियर संजय शर्मा बताया कि बदायूं का मॉडल प्रदेश सरकार को भा गया है। इसी तर्ज पर सूबे में काम होंगे।
प्रधानों ने भी डीएम को आश्वासन दिया कि 10-15 दिनों में वह निर्माण कार्य कराके दिखाएंगे। यहां कुछ प्रधानों को भी डीएम ने सम्मानित किया। इस मौके पर डीएम, सीडीओ के अलावा यहां एसडीएम गुलाब चंद्र, बीडीओ सुभाष नेमा और बड़ी संख्या में प्रधान मौजूद रहे।
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लोहिया गांवों से अच्छे बनेंगे अन्य गांवों के रोड
बदायूं। लोहिया गांवों में ही अब तक सीसी रोड बनाए जा रहे थे। इन रोडों में नीचे ईंट का रोड़ा लगता है। चार इंच की सीसी बन रही है। इस योजना में नीचे चार इंच का पत्थर, उस पर पॉलीथिन और उसके ऊपर छह इंच की सीसी कुल 10 इंच मोटाई की सीसी बनेगी जो काफी मजबूत होगी। इस पर ट्रक और ट्रैक्टर जैसे भारी वाहनों का कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
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हर ब्लाक में लगाए गए हैं तीन-तीन जेई
बदायूं। डीएम ने इसके लिए हर ब्लाक में तीन अवर अभियंताओं को तैनाती दे रखी है। एडीओ पंचायत की निगरानी में प्रधान और ग्राम सचिव सीसी रोडो का निर्माण कराएंगे। इसका एस्टीमेट संबंधित जेई करेंगे। इसके लिए जिला पंचायत, आरईएस ओर लघु सिंचाई के जेई ब्लाकों से संबद्ध किए जा चुके हैं। जिला पंचायत के इंजीनियर संजय शर्मा को परीक्षण अधिकारी बनाया गया है। जो एस्टीमेट आने के बाद अगले ही दिन परीक्षण कर स्वीकृत करेंगे।