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मेडिकल कॉलेज में जलाया गया बायोमेडिकल वेस्ट, वीडियो हुई वायरल

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बदायूं। पराली जलाने पर किसानों को जेलों में ठूंसा जा रहा है, लेकिन पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने वाले खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में बुधवार को एक ट्रॉली बायो मेडिकल वेस्ट जला डाला। हैरत इस बात की है कि प्रसूति वार्ड के पास धम घोटने वाला धुआं उठता रहा, लेकिन कॉलेज प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं। जबकि तमाम मरीज दुर्गंध से भरे धुएं से परेशान हुए। तीमारदारों में से ही किसी ने वीडियो बनाकर बुधवार को वायरल कर दिया।
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पराली व कूड़ा जलाने पर शासन सख्त है। बायोमेडिकल वेस्ट को लेकर एनजीटी भी कड़े फरमान जारी कर चुका है। इसके बावजूद अस्पतालों में बायोवेस्ट के निस्तारण की ठोस व्यवस्था नहीं है। निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज जहां लोग अपना इलाज कराने जाते हैं वहीं पर्यावरण के सारे नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बुधवार को कॉलेज के प्रसूति वार्ड के पास करीब एक ट्रॉली बायो मेडिकल वेस्ट को निस्तारित की जगह आग लगा दी गई। आग लगने के बाद भयंकर दुर्गंध ने मेडिकल कॉलेज में आए हुए मरीज और तीमारदारों को परेशान कर दिया। कुछ देर तक यहां लोगों को सांस लेने में तक दिक्कत होने लगी। इसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बनाया और वायरल कर दिया। हालांकि अस्पताल प्रशासन जानकारी होने से ही इनकार करता रहा।
बायोवेस्ट के निस्तारण के लिए एक कंपनी से अनुबंध है। उसके द्वारा हर सप्ताह बायोवेस्ट गाड़ी में भरकर ले जाया जाता है। अगर यहां पर बायोवेस्ट ज्यादा होता है, तो कंपनी में फोन कर गाड़ी को दोबारा बुला लिया जाता है। इसके अलावा प्लास्टिक की बोतल, ड्रिप चढ़ाने की पाइप, पॉलिथीन कूड़ा उठवाने के लिए नगर पालिका के ईओ से बात की थी, लेकिन उनकी ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। कॉलेज परिसर में बायोवेस्ट जलाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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आरपी सिंह, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज के मालिक प्राचार्य होते हैं। उनका बायोवेस्ट कहां जा रहा है, ये तो वही बता सकते हैं, लेकिन यह जरूर है कि बायोवेस्ट को जलाया नहीं जा सकता।
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डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
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