बदायूं। गंगा एक्सप्रेस-वे के साथ बरेली-मथुरा हाईवे चौड़ीकरण को भी जिले में जल्द काम शुरू हो जाएगा। वन विभाग ने जिले की सीमा में आने वाले क्षेत्र में हाईवे के दोनों ओर वृक्षों का सर्वे शुरू कर दिया है। हालांकि, विभाग को अभी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से कई बिंदुओं पर सूचनाओं का इंतजार है। वृक्षों को चिह्नित वन विभाग करेगा, लेकिन इनके कटान के लिए अनुमति एनएचएआई को वन और पर्यावरण मंत्रालय से पोर्टल पर ऑनलाइन लेनी होगी।
बदायूं-बरेली के बीच करीब 48 किमी रोड का चौड़ीकरण 2015 में हुआ था। हाईवे को फोरलेन किया गया था। फोरलेन के मानकों को लेकर भी सवाल उठते रहे। इस हाईवे पर लगातार यातायात का दबाव बढ़ रहा है। 2019 में हाईवे को नेशनल हाईवे घोषित कर दिया गया। इसके बाद बरेली-मथुरा-भरतपुर हाईवे एनएचएआई के अधीन आ गया। अब मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी के गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है। एक्सप्रेस-वे के लिए काम दस अप्रैल से शुरू हो चुका है। एक्सप्रेस-वे बरेली को नहीं जोड़ रहा था, जबकि बरेली कई मायने में काफी अहमियत रखता है। बरेली में थल सेना और भारतीय वायु सेना के बेस के साथ एयरपोर्ट भी है।
गंगा एक्सप्रेस-वे बरेली-मथुरा हाईवे पर बदायूं के बिनावर के गांव कुतुबपुरथरा के पास से गुजरेगा। बदायूं में एक्सप्रेस-वे करीब 95 किमी दूरी तय करेगा। ऐसे में बरेली-मथुरा-भरतपुर नेशनल हाईवे को गंगा एक्सप्रेस-वे से बेहतर कनेक्टविटी की मांग भी उठ रही थी। विधानसभा चुनाव से पहले शासन ने बरेली-मथुरा हाईवे को विस्तारित कर छह लेन करने की स्वीकृति दे दी थी। अब इसके लिए काम भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे में वन विभाग हाईवे के दोनों ओर आने वाले वृक्षों की प्रजातियों, उम्र आदि के हिसाब से गणना और सर्वे करने में जुट गया है।
बरेली-मथुरा हाईवे छह लेन होना है। हाईवे के दोनों ओर वन भूमि पर काफी वृक्ष हैं। हालांकि, 2014-15 में हाईवे को फोरलेन किया गया था तब भी वृक्षों का कटान हुआ था। उसके बाद और पौध लगाए गए थे। एनएचएआई को हाईवे के दोनों ओर वृक्षों के कटान को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति लेनी है। उससे पहले वन विभाग सर्वे कर प्रजाति, आयु समेत अन्य बिंदुओं पर वृक्षों के सर्वे का काम पूरा करेगा। - अशोक कुमार सिंह, डीएफओ