बदायूं। सदर विधानसभा सीट इस बार भाजपा और सपा के कड़े मुकाबले में फंसी दिख रही है। भाजपा प्रत्याशी यहां जीत के प्रति आश्वस्त हैं जिससे सीट का इतिहास बदल सकता है। वहीं सपा भी बड़े जनाधार की बदौलत मैदान मारने में जुटी है। बसपा व कांग्रेस के प्रत्याशी भी दमखम दिखा रहे हैं।
सदर सीट का पुराना इतिहास रहा है कि यहां एक ही विधायक लगातार दूसरा चुनाव कभी नहीं जीता। महेश गुप्ता यहां से मौजूदा विधायक हैं जो अब तक प्रदेश के नगर विकास राज्यमंत्री भी हैं। यहां से वह 2017 में तत्कालीन शहर विधायक आबिद रजा को हराकर चुनाव जीते थे। इससे पहले 2012 में आबिद रजा ने उन्हें शिकस्त दी थी। इस बार गुप्ता को दोबारा मौका मिला है। उनका दावा है कि सवर्ण, पिछड़ों के साथ ही बसपा का वोट माने जाने वाले वर्ग ने भी उनका खुला साथ दिया है जिसकी बदौलत वह दोबारा रिकार्ड वोटों से चुनाव जीतेंगे। गुप्ता यहां मुस्लिम वर्ग के वोट पाने का दावा भी कर रहे हैं। वहीं सपा प्रत्याशी हाजी रईस सपा के यादव मुस्लिम वोटबैंक के अलावा दूसरे वर्गों का वोट पाने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा था जिसका लाभ उन्हें मिला है। अगर निष्पक्षता बरती गई तो वह बड़े अंतर से चुनाव जीतेंगे।
बसपा प्रत्याशी राजेश कुमार सिंह अपनी जीत पक्की बता रहे हैं। वह कह रहे हैं कि बसपा को लोगों ने खामोशी से वोट दिया है। सवर्ण वोट भी उन्हें मिला है। सजातीय ठाकुर वोट भी उनके पाले में आया है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रजनी सिंह ने बताया कि महिलाओं के बीच में उनका ज्यादा जाना हुआ था, इसलिए आम वोटरों के साथ ही महिला वर्ग का वोट उन्हें खासी संख्या में मिला है। संवाद