एमएलसी चुनाव न टलते तो भाजपा के सामने था धर्मसंकट
दावेदारों की भीड़ ने बढ़ा दी थी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। विधानसभा चुनाव के बीच में एमएलसी चुनाव होने से भाजपा को दोहरे भितरघात की आशंका बढ़ गई थी। विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने वाले नेता अब भाजपा नेतृत्व से एमएलसी का टिकट मांग रहे थे। नेताओं की भीड़ में किसी एक को टिकट मिलने पर विधानसभा चुनाव में दिक्कत स्वाभाविक थी। जिलाध्यक्ष ने आंतरिक रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी थी। मुलाकात के दौरान गृहमंत्री के सामने भी यह मुद्दा रखा गया। अब चुनाव टलने से भाजपा पदाधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
प्रदेश में चार चरण में विधानसभा चुनाव होना है। बदायूं जिले में दूसरे चरण में 14 फरवरी को मतदान होगा। ऐसे में प्रत्याशियों को जिताने के लिए पार्टी के स्टार प्रचारक बदायूं आकर जनसभाओं को संबोधित कर रहे हैं। हालांकि विधानसभा प्रत्याशी तय होने को लेकर भाजपा में काफी घमासान था जो वक्त के साथ थम गया। इस बीच एमएलसी चुनाव को लेकर आयोग की तरफ से तिथि को निर्धारित कर दिया। ऐसे में फिर से विधानसभा में टिकट मांग रहे नेताओं ने एमएलसी पद के लिए टिकट की दावेदारी पेश कर दी। एक सीट पर कई आवेदन आने के बाद पार्टी पदाधिकारी असमंजस में थे। दोबारा टिकट न मिलने पर पार्टी को नुकसान स्वाभाविक था। पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बदायूं आए थे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता व अन्य नेताओं ने हेलिपैड पर वार्ता में गृहमंत्री के सामने जिले की स्थिति के बारे में बताते हुए यह मुद्दा भी रखा। दूसरे जिलों से भी भाजपा हाईकमान को इसी तरह के संदेश गए। इस बीच चुनाव टलने की सूचना आ गई। ऐसे में भाजपा पदाधिकारियों ने राहत की सांस ली है। विधानसभा चुनाव के बाद टिकट तय करने में पार्टी को खास समस्या नहीं आएगी। संवाद