बिनावर। गांव गिरधरपुर में शनिवार रात घर के बाहर चारपाई पर सो रहे देव सिंह (50) को गांव की मढ़ी पर सेवा करने वाले बाबा गिरजानंद ने जमीन को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश में गोली मार दी। गोली सीने के पास लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस और परिजनों ने घायल को जिला अस्पताल भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उन्हें बरेली रेफर कर दिया। जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घायल के भाई सत्यवीर की तहरीर पर पुलिस ने बाबा और उसके भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गांव निवासी सत्यवीर ने बताया कि उनके बड़े भाई देव सिंह (50) अविवाहित हैं। वह अपने भतीजों संजीव और रूपेंद्र के साथ रहते हैं। शनिवार रात वह मकान के बराबर में बनी झोंपड़ी में चारपाई पर सो रहे थे।
उनके अनुसार, रात करीब तीन बजे बाबा गिरजानंद और उनके भाई शिवपाल सिंह ने उन पर गोली चला दी। गोली सीने और बाएं कंधे के पास लगी। गोली चलने की आवाज और वेद सिंह के चीखने की आवाज से आसपास के लोग जाग गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
घायल के भाई की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस बल तैनात है। - सुमेध मिलिंद जाधव, एएसपी
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जमीन को लेकर चल रही थी रंजिश
देव सिंह के छोटे भाई सत्यवीर सिंह यादव ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि गांव में करीब 30 वर्ष पहले राम भरोसे दास बाबा ने अपनी पांच बीघा जमीन धर्मस्थल को दे दी थी। उनकी मृत्यु के बाद ग्रामीण ही इसकी देखरेख करते आ रहे हैं। करीब चार वर्ष पहले गिरजानंद बाबा बनकर वहां रहने लगा। धर्मस्थल के पास देव सिंह की जमीन पर गिरजानंद की नजर थी। इसी को लेकर करीब दो वर्ष से दोनों के बीच विवाद चल रहा था। देव सिंह ने अपनी जमीन पर दीवार भी खड़ी कर दी थी। सत्यवीर का आरोप है कि चार दिन पहले गिरजानंद ने देव सिंह को जान से मारने की धमकी देते हुए कहा था कि खूब अच्छे से खा पी लेना, तुम्हारा काम खत्म कर दूंगा। इसके बाद शनिवार रात उन्हें सोते समय गोली मार दी गई।
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ट्रक ड्राइवर से बाबा बना था गिरजानंद
गांव गिरधरपुर में शनिवार रात गांव निवासी देव सिंह को गोली मारने वाला आरोपी बाबा गिरजानंद चार साल पहले ही बाबा बना है। इससे पहले वह ट्रक ड्राइवर था। राम भरोसे दास बाबा के करीब 15 साल पहले निधन के बाद मढ़ी की देखभाल ग्रामीण करते रहे। करीब 4 साल पहले वह बाबा का चोला पहनकर मढ़ी की सेवा करने लगा था। इसके बाद गांव वाले उसको बाबा कहने लगे। कब्जाने की नीयत से धीरे-धीरे गिरजानंद ने राम भरोसे दास बाबा को दान में मिली पांच बीघा जमीन पर खेती शुरू कर दी। इसके बाद वह देव सिंह के पास की जमीन पर कब्जा करने के प्रयास में था, इसी को लेकर अक्सर विवाद होता था।
मढ़ी के पास इसी जमीन को लेकर हो रहा था विवाद। संवाद- फोटो : मृतक धर्मेंद्र उर्फ संजू का फाइल फोटो। स्त्रोत: परिजन