सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खां पर देशद्रोह के मामले में सोमवार को सीजेएम कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच बहस पूरी हो गई। वादी के वकील ने सीजेएम कोर्ट में धारा 190 (2) के तहत अर्जी देकर देशद्रोह के मामले का स्वत: संज्ञान लेकर आरोपी आजम खां को तलब करने की मांग की थी। सोमवार को दोनों पक्षों के वकीलों के बीच इस पर बहस हुई।
हिंदूवादी नेता उज्ज्वल गुप्ता ने आजम खां के खिलाफ 2011 में देशद्रोह का मामला दर्ज कराया था। सूबे में सपा सरकार बनने के बाद मई 2012 में पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी। उज्ज्वल गुप्ता के प्रोटेस्ट पर कोर्ट ने एफआर खारिज कर पुर्नविवेचना का आदेश दिया। पुलिस ने पुर्नविवेचना नहीं की, मामला दवाए रखा गया। वादी की अर्जी पर कोर्ट ने पुलिस से जून 2015 में पूरे मामले की प्रगति रिपोर्ट तलब की। विवेचक ने कोर्ट में 18 जून को फिर से एफआर दाखिल कर दी। 10 अगस्त को वादी ने कोर्ट में धारा 190 (2) के तहत अर्जी दी। 18 अगस्त को उज्ज्वल गुप्ता के वकील राजीव शर्मा ने सीजेएम कोर्ट में विवेचकों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की अर्जी दी थी। आजम खां को तलब करने संबंधी अर्जी पर सोमवार को दोनों पक्षों के बीच बहस पूरी हो गई। फिलहाल कोर्ट ने इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।