सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खां पर देशद्रोह के मामले में सुनवाई अब आठ सितंबर को होगी। बुधवार को सीजेएम कोर्ट में वादी की धारा 190 (2) की अर्जी पर बहस हुई। वादी के वकील राजीव शर्मा ने कोर्ट से आजम खां को तलब करने के साथ विवेचक एमएम खान और भोलू सिंह भाटी पर अवमानना की कार्रवाई की मांग की है।
बजरंग दल जिला संयोजन उज्ज्वल गुप्ता ने आजम खां के खिलाफ 2011 में देशद्रोह का मामला दर्ज कराया था। सूबे में सपा की सरकार बनने के बाद मई 2012 में पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी। उज्ज्वल गुप्ता के प्रोटेस्ट पर कोर्ट ने एफआर खारिज कर पुर्नविवेचना का आदेश दिया। बाद में पुलिस मामले को दवाए रखी। वादी की अर्जी पर कोर्ट ने पुलिस से जून 2015 में मामले की प्रगति रिपोर्ट मांगी। 18 जून को विवेचक ने फिर से एफआर दाखिल कर ली। 10 अगस्त को वादी ने कोर्ट में धारा 190 (2) के तहत अर्जी दी। 18 अगस्त को उज्ज्वल गुप्ता के वकील राजीव शर्मा ने सीजेएम कोर्ट में विवेचकों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की अर्जी दी थी। बुधवार को दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस हुई। बाद में कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए आठ सितंबर मुकर्रर कर दी है।