बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव आरिफपुर नवादा निवासी विवाहिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया है कि उसका निकाह चार साल पहले जफर के साथ हुआ था। निकाह के बाद से ही पति व ससुराल वाले 10 लाख रुपये व पांच बीघा जमीन नाम कराने की जिद पति करने लगा। मांग पूरी न होने पर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। मायके वालों ने फिर भी सुलहनामा कराके ससुराल भेज दिया। पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
गांव आरिफपुर नवादा की रहने वाली शबनूर ने बताया है कि उसका निकाह 28 मई 2021 को मोहल्ले के ही जफर के साथ हुआ था। निकाह में करीब 30 लाख रुपये खर्च किया गया। निकाह के बाद वह अपनी ससुराल गई। आरोप है कि पति जफर, ससुर किशवर, सास शवाना, ननद कुमारी रोशन, सायमा व देवर अनवर दान दहेज से खुश नहीं थे। दहेज में 10 लाख रुपये नकद लाने व पांच बीघा जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाने लगे। जब परिवार वालों की मजबूरी बताई तो मारपीट करते और गालियां देते।
करीब डेढ वर्ष पहले बेटा पैदा हुआ। पति व परिवार के लोगों ने उसका सही इलाज नहीं कराया, जिससे उसकी मौत हो गई। 28 सितंबर को समय करीब 11 बजे रात जब उसके पिता व भाई खेत पर पानी लगाने गए थे। वह अपनी मां के साथ घर पर थी। उसी दौरान पति जफर, ससुर किश्वर, सास शवाना, ननद रोशन व सायमा देवर अनवर, हाथों में डंडे व पेट्रोल की बोतल लेकर आ गए। घर में घुसकर उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जैसे-तैसे लोगों ने आग बुझाई, जिसमें उसका हाथ बुरी तरह से झुलस गया। जाते समय पति जफर ने तीन बार तलाक कहकर रिश्ता तोड़ दिया। पिता व भाई के आने पर थाने आई। पुलिस ने पति समेत छह लोगों के खिलाफ तीन तलाक देने व जान से मारने की कोशिश आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की है।