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ग्राम समाज की जमीन से कब्जा हटाया तो शिक्षामित्र चढ़ गया पेड़ पर

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मूसाझाग। थाना क्षेत्र के गांव महरौली में लेखपाल और पुलिस की कार्रवाई से नाराज एक शिक्षामित्र यूकेलिप्टस के पेड़ पर चढ़ गया और पेड़ से कूद कर आत्महत्या करने की धमकी दी। इस बीच गांव के बहुत से लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर यूपी 112 पुलिस भी आ गई। काफी समझाने के बाद शिक्षामित्र पेड़ से नीचे उतरा। बाद में पुलिस ने उसका शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया।
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गांव महरौली निवासी शिक्षामित्र रामरतन पड़ोसी गांव सिमरिया के प्राथमिक स्कूल में तैनात है। उसके घर के सामने एक तालाबनुमा गड्ढा था, जिसमें गंदा पानी भरा था। इस पर गांव के कई लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। उसी जगह के बराबर में मिट्टी डालकर शिक्षामित्र अपनी भैंस बांधने लगा था। इसकी शिकायत गांव के प्रकाश पाल, नरेंद्र सिंह, मुनेंद्र सिंह, माखन लाल आदि ने पुलिस से की। पुलिस और हल्का लेखपाल राजीव कुमार ने शिक्षामित्र रामरतन की भैंस खुलवा दी और शेड भी तोड़कर तहस नहस कर दिया। शिक्षामित्र का आरोप है कि उन लोगों ने उससे गाली-गलौज भी की। कहा कि यह जमीन ग्राम पंचायत की है। शिक्षामित्र का कहना था कि इस पर कई और लोगों ने भी कब्जा कर रखा है, उन लोगों का कब्जा पुलिस व लेखपाल ने नहीं हटवाया। इसी से नाराज होकर शुक्रवार को वह गांव के पश्चिम दिशा में स्थित एक यूकेलिप्टस के पेड़ पर चढ़ गया और कीद कर जान देने की धमकी दी। सुबह के वक्त गांव के लोग टहलने के लिए निकले तो उन्होंने शिक्षामित्र रतन लाल को पेड़ पर चढ़ा देखा।
ग्रामीणों ने उसके पड़े पर चढ़ने की वजह पूछी तो उसने कहा कि गांव के लोग उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। पुलिस और लेखपाल ने उसका कब्जा तो हटवा दिया जबकि दूसरों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। उसका आरोप है कि पुलिस और लेखपाल ने उसके साथ गाली-गलौज भी की थी। इसी पर वह आत्महत्या करने को पेड़ पर चढ़ गया। उसकी इस बात को सुनकर ग्रामीणों ने पहले शिक्षामित्र के घर सूचना दी बाद में पुलिस को बताया। खबर मिलने पर यूपी 112 मौके पर पहुंच गई। शिक्षामित्र को नीचे उतरने के लिए पुलिस ने कहा पर वह नहीं माना। तब ग्रामीणों ने प्रधान वीरेंद्र कुमार को मौके पर बुलाया तो उन्होंने शिक्षामित्र को किसी तरह समझा-बुझाकर नीचे आने को राजी कर लिया। उसके नीचे आने के बाद पुलिस उसे थाने ले गई, बाद में उसका शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया।
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किसी को आत्महत्या करने को अधिकार नहीं है। पुलिस और प्रशासन पर इस तरह दबाव बनाना किसी तरह उचित नहीं है। यदि कोई समस्या है तो उसे बताया भी जा सकता है। पेड़ पर चढ़कर पुलिस और गांव वालों को परेशानी में डालने के आरोप में शांति भंग में शिक्षामित्र का चालान किया है। साथ ही इसी धारा में उसके विरोधी ओमप्रकाश का भी चालान किया गया है।
ललित भाटी, एसओ मूसाझाग
जिन लोगों ने ग्राम पंचायत की जमीन पर कब्जा किया है उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जो भी लोग हैं जल्द ही उनके खिलाफ भी तहसील प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मुझ पर गाली-गलौज का आरोप निराधार है।
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राजीव कुमार, हल्का लेखपाल
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