बदायूं। जिले में आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश देने गई पुलिस टीम पर इस साल हमले का यह दूसरा मामला सामने आया है। जुलाई में हजरतपुर थाना क्षेत्र में गिरफ्तारी करने पहुंची पुलिस टीम को निशाना बनाया गया था। अब सहसवान थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर डांस में अवैध शराब की सूचना पर दबिश देने गई टीम पर हमला किया। दोनों घटनाओं ने पुलिस टीमों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जुलाई में जानलेवा हमले के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गई पुलिस टीम पर हमला किया गया था। बता दें कि जून में जान से मारने के मामले में नामजद आरोपियों की तलाश में उपनिरीक्षक नवरतन सिंह पुलिस टीम के साथ गांव दियौचरी पहुंचे थे। इस दौरान आरोपियों के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए टीम के साथ अभद्रता शुरू कर दी थी। इसी बीच पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया गया, जिससे दरोगा नवरतन सिंह का सिर फूट गया। खून बहने लगा था।
अब सहसवान के रसूलपुर डांस गांव में बृहस्पतिवार को अवैध देशी शराब की सूचना पर दबिश देने वाले पुलिसकर्मियों के साथ आरोपियों ने मारपीट की और सिपाहियों की वर्दी फाड़ डाली। अपराधियों की धरपकड़ के लिए गांवों में पहुंचने वाली पुलिस टीमों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। एसपी ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया ने बताया कि एक दुकान पर पुलिसकर्मियों के पूछताछ करने पर गांव का एक व्यक्ति शराब के नशे में पहुंचकर कहासुनी करने लगा था। व्यक्ति को हिरासत में लेकर शांति भंग की कार्रवाई की गई है।
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पहले भी पुलिस कर्मियों से हो चुकी है मारपीट
सूत्रों के मुताबिक, पप्पू और वीरेंद्र के खिलाफ पहले भी पुलिसकर्मियों से मारपीट का मामला दर्ज है। आरोप है कि दोनों ने पूर्व में आरक्षी चंदन और हरेंद्र के साथ भी मारपीट की थी। इस मामले में उनके खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में केस दर्ज होने की बात सामने आई है।