उस वक्त चिकित्साधीक्षक अपने कक्ष में नहीं थे। उसी दौरान निरीक्षण को पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन सिंह से भी उन्होंने मुलाकात की। अपनी दिक्कतें बताने के बाद आशाओं ने डिप्टी सीएमओ डॉ. सिंह को ज्ञापन सौंप दिया। उन्होंने आशाओं को कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। प्रदर्शनकारियों में पूनम मौर्य, शशि पाल, नीलम यादव, रेशमा, तब्बसुम, रूबी, शोभा, राजेश कुमारी, फातिमा बेगम, ज्योति, हेमलता आदि शामिल थीं।
कार्रवाई होने तक हड़ताल पर रहने की चेतावनी
आरती कश्यप ने डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन सिंह को बताया कि उत्पीड़न अब और नहीं सहन नहीं किया जा सकता। आरोपियों पर विभागीय स्तर से कार्रवाई होने तक आशाएं काम पर नहीं लौटेंगी। नर्सिंग स्टाफ के व्यवहार भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दो दिन बाद जिला मुख्यालय पर जाकर विभागीय उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराने का निर्णय लिया है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि विभागीय कार्य से वह उझानी सीएचसी आए थे। उसी दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी दिक्कतों को लेकर ज्ञापन देते समय आरोप भी लगाए हैं। उनके ज्ञापन से जुड़े बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। आशाओं को जांच होने तक हड़ताल नहीं करने की सलाह दी गई है।