बदायूं। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के अवसर पर शुक्रवार शाम शहर के सिटी मॉल में ब्लैकआउट मॉकड्रिल हुई। सायरन बजते ही ब्लैकआउट हो गया। इलाके में सन्नाटा पसर गया। इस दौरान लोगों ने घरों व बाजार में दुकानों की लाइटें भी बंद कर दीं। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।
शाम छह बजे सायरन बजते ही सिटी मॉल में पूर्ण ब्लैकआउट कराया गया। इसके बाद आग लगने व एयर रेड की काल्पनिक स्थिति उत्पन्न की गई। फायर सर्विस की टीम ने तत्काल पहुंचकर अग्निशमन उपकरणों से आग पर काबू पाया। घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया और एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेजने का अभ्यास किया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी अवनीश राय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह स्वयं मौके पर मौजूद रहे। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक नगर विजयेन्द्र द्विवेदी, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी अग्निशमन सहित अनेक प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस, फायर और स्वास्थ्य विभाग ने किया संयुक्त प्रदर्शन
मॉकड्रिल में सिविल पुलिस, फायर ब्रिगेड, डायल-112 एवं चिकित्सा विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन किया। इस दौरान विभागों के बीच आपसी समन्वय, संचार व्यवस्था, रिस्पॉन्स टाइम तथा त्वरित निर्णय क्षमता का परीक्षण किया गया। टीमों ने यह भी बताया कि एयर रेड या आतंकी हमले जैसी परिस्थितियों में नागरिकों को किस प्रकार सुरक्षित रहना चाहिए।
नागरिकों को दिया जागरूकता संदेश
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मॉकड्रिल का उद्देश्य भय पैदा करना नहीं, बल्कि आपात परिस्थितियों में जान-माल की सुरक्षा के लिए आमजन को जागरूक करना है। नागरिकों से अपील की गई कि ऐसी स्थितियों में घबराएं नहीं, अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
मॉकड्रिल का उद्देश्य
आतंकी हमला, बम धमाका, आग, भगदड़ या आपदा से निपटने की तैयारी, पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस के बीच बेहतर तालमेल, रिस्पॉन्स टाइम और रणनीति की वास्तविक जांच, आम नागरिकों को आपदा के प्रति सतर्क और जागरूक करना रहा।
ब्लैकआउट के दौरान क्या करें
सभी लाइट, इनवर्टर व जनरेटर तुरंत बंद कर दें। खिड़की-दरवाजों के परदे बंद रखें। वाहन रोककर उसकी लाइट बंद कर दें। बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगों को सुरक्षित रखें। सरकारी सूचनाओं पर ध्यान दें।
ब्लैक आउट के दौरान हुई मॉक डि्रल के समय एक व्यक्ति को इलाज के लिए ले जाता पुलिस कर्मी। स्रोत- - फोटो : mathura
ब्लैक आउट के दौरान हुई मॉक डि्रल के समय एक व्यक्ति को इलाज के लिए ले जाता पुलिस कर्मी। स्रोत- - फोटो : mathura
ब्लैक आउट के दौरान हुई मॉक डि्रल के समय एक व्यक्ति को इलाज के लिए ले जाता पुलिस कर्मी। स्रोत- - फोटो : mathura
ब्लैक आउट के दौरान हुई मॉक डि्रल के समय एक व्यक्ति को इलाज के लिए ले जाता पुलिस कर्मी। स्रोत- - फोटो : mathura