समरेर ब्लाक में क्षेत्र पंचायत के नामांकन का बुधवार को अंतिम दिन था। गांव 33-रुदेली-भुड़ेली निवासी बुध पाल सिंह अपना पर्चा दाखिल करने ब्लाक पहुंचे, तो उन्होंने एआरओ रामौतार को पर्चा दिया और एक हजार रुपये की पर्ची भी कटवा ली। इसी दौरान दो दबंग लोग आए और उन्होंने बुधपाल का पर्चा उठा लिया और बाहर की ओर जाने लगे। एआरओ ने बताया कि उसने इनका पीछा किया, लेकिन इन लोगों ने पर्चा नहीं दिया। गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों से उन्होंने पर्चा ले जाने की बात बताई और उन्हें पकड़ने को कहा, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया और उन्हें जाने दिया। आरोप है के सत्ता पक्ष और एक माननीय के परिवार से जुड़े होने के कारण इन दबंगों के सामने पुलिस भी असहाय और मूकदर्शक बन गई। पीड़ित प्रत्याशी बुधपाल ने बताया कि इसी सीट से उसके भाई शिशुपाल ने पर्चा दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की तो इन्हीं दबंगों ने निर्विरोध होने के लिए उसका पर्चा भी छीन लिया। वह फीस भी जमा नहीं कर सके।
केवल दो प्रत्याशी हैं रुदेली भुड़ेली सीट पर
बदायूं। सरमेर ब्लाक की 33- रुदेली भुड़ेली सीट पर अब तक अवनीश यादव पुत्र प्रेमपाल सिंह यादव और जगवती पत्नी हरीशंकर दो ही प्रत्याशी हैं। यह जानकारी आरओ ने दी है।
मैं नामांकन पर्चा रजिस्टर पर चढ़ा रहा था कि दो लोगों ने उनकी मेज से बुधपाल का पर्चा उठा लिया और चले दिए। पुलिस ने भी मेरा सहयोग नहीं किया। इसकी शिकायत आरओ को कर दी है। पुलिस का सहयोग न मिलने से मैं अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा हूं।
- रामौतार, एआरओ ब्लाक समरेर
मुझे एआरओ ने घटना बताई। प्रत्याशी ने कोई शिकायत उनसे नहीं की है। घटना की जानकारी होने पर उन्होंने सीडीओ को फोन पर घटना की जानकारी दी। डीएम को फोन किया तो किसी और ने फोन उठाया और पूरी घटना की जानकारी लेने के बाद कहा कि डीएम मीटिंग में है, वह इधर से बात करा देंगे। इसके बाद बात नहीं हुई। अधिकारियों से बात करनें के बाद मैं इस मामले में रिपोर्ट लिखाऊंगा।
- नथनी प्रसाद यादव, आरओ, समरेर
पूर्व ब्लाक प्रमुख के खिलाफ शिकायत
बदायूं। प्रत्याशी बुधपाल सिंह ने शाम को बदायूं पहुंचकर जिला निर्वाचन अधिकारी से पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह यादव के पुत्र अवनीश कुमार की शिकायत की है। आरोप है कि अवनीश ने निर्वाचन अधिकारी से मिलीभगत कर इस घटना को अंजाम दिया है। मांग की कि इस प्रकरण की जांचकर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा राज्य निर्वाचन आयोग को भी शिकायत भेजी गई है। इधर, पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क साधा गया तो वह नॉट रिचीबल बताता रहा।