कादरचौक। कादरचौक में रमजानपुर स्थित पंचायत भवन पर सास-बहू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्हें आपसी रिश्तों में मधुरता रखने की सलाह दी गई, साथ ही विश्व महावारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर डॉक्टर और काउंसलर ने ऐसे समय में अपनी समस्या परिवार की महिलाओं से साझा करने का सुझाव दिया। कहा कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है तो इसमें घबराने या शरमाने की आवश्यकता नहीं है।
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के तहत शनिवार को सम्मेलन में सास और बहुओं के अलावा युवतियों की भी सहभागिता रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएचसी के डॉ.अरविंद धवल ने कहा कि सास और बहू के रिश्ते आज के दौर में कटुतापूर्ण हो रहे हैं, जिससे परिवार विघटित हो रहे हैं। यदि दोनों एक दूसरे की भावना समझें तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। उन्होंने महावारी के समय में युवतियों और महिलाओं के घबराने और शरमाने का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें घबराने और शरमाने की बात नहीं है। इसके बारे में सभी को जागरूक होना चाहिए।
सीएचसी के काउंसलर अजय कुमार व एएनएम अनीता ने भी महिलाओं व युवतियों को महावारी संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि इन दिनों में महिलाओं को हाईजीन व स्वच्छता संबंधी विशेष ध्यान रखना चाहिए, तभी वे इंफेक्शन, यौन रोग आदि से बचाव कर सकती हैं। इस मौके पर महिलाओं को सेनेटरी पैड और आयरन की गोलियां भी वितरित की गईं।
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स्वच्छता आवश्यक
स्वच्छता और परिवार के प्रति कर्तव्य निर्वहन के साथ परिवार नियोजन और व्यक्तिगत स्वच्छता की जानकारी आवश्यक है। इस कार्यक्रम से काफी सीखने को मिला।
-कीर्ति
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बहू से बेटी जैसा व्यवहार हो
बहू घर की लक्ष्मी होती है, उससे बेटी की तरह ही व्यवहार करें तो परिवार खुशहाल रहेगा। सभी परिवारों को यह समझना चाहिए।
-कांति देवी
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सास से अच्छे संबंध रखें
सास के साथ अच्छा संबंध रखें। उनके अनुभव से परिवार को खुश रखें। अच्छा परिवार तभी है, जब सब खुश हैं। महिलाओं को अपना संकोच छोड़ना चाहिए।
-सुनीता मौर्य
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अच्छी जानकारी मिली
इस तरह के कार्यक्रम से कई जानकारियां मिलती हैं। शनिवार को भी परिवार नियोजन और परिवार संगठन की अच्छी जानकारी मिली।
-ममता