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‘परीक्षा से पहले मानसिक तनाव से बचें’

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अपराजिता कार्यक्रम में बोलते मुख्य अतिथि डॉ. राजेश वर्मा। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। नेहरू मेमोरियल शिव नारायण दास डिग्री कॉलेज में जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और मनोवैज्ञानिक डॉ. राजेश वर्मा ने छात्राओं से ताकीद की कि वे परीक्षा से पहले मानसिक तनाव से बचें।
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यहां आयोजित अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वर्मा ने कहा कि जीवन में सर्वांगीण विकास बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी को बेहतर स्वास्थ्य रखते हुए, सकारात्मक काम करने का संकल्प लेकर उसे और बेहतर करने की कोशिश करते रहना चाहिए। यह भी जरूरी है कि तीनों की निरंतरता बनाए रखी जाए। ऐसा न हो कि आप 11 माह स्वस्थ रहें और जब आपकी परीक्षा का वक्त आए तो आप बीमार हो जाएं। ऐसे में आपके सामने दिक्कत आ जाएंगी। ऐसे में शरीर को ऊर्जावान व तनाव रहित बनाए रखने की जरूरत है।
प्राचार्य प्रशांत कोहली ने कहा कि दृष्टि सभी के पास है, लेकिन दूर दृष्टि के लिए प्रयास करना होगा। ऐसे में छात्राओं को एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा। लक्ष्य निर्धारित करने के बाद उसे पाने की दिशा में प्रयास करना है। ये प्रयास आपको एक या दो दिन नहीं करना है, बल्कि लगातार करना है। बीएड विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिवराज सिंह ने अपराजिता के मायने को विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनवीर सिंह, डॉ. विक्रांत उपाध्याय ने किया।
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छात्राओं ने कहा-लक्ष्य निर्धारित करें और उस दिशा में तेजी से बढ़ें
हम लोगों को आगे बढ़ने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा। उसके बाद में तेजी से उस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
-आस्था
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आज के समय में सबसे महत्वपूूर्ण शिक्षा है। इसके बिना जिंदगी अधूरी है, बिना शिक्षा के लड़कियां आगे नहीं बढ़ सकतीं। हमें अपना लक्ष्य निर्धारित करना होगा।
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-स्वाति
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अपराजिता शब्द हमें सिखाता है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। बस उनके अंदर एक जुनून होना चाहिए। उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
-ज्योति
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इस कार्यक्रम में कई ऐसी बातें बताई गईं जो हमारे जीवन में उपयोगी साबित हो सकती हैं। मैं प्रयास करूंगी कि सकारात्मक बातों को व्यवहार में ला सकूं।
-ताइवा खानम
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