बिसौली। माता पिता सबसे पहले मित्र हैं जिनसे अपनी हर बात शेयर करनी चाहिए, क्योंकि वहीं हर मुसीबत में साथ देते हैं। छात्राओं को यह बात बुधवार का आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में समझाई गई। उन्हें बताया गया कि जब भी वे किसी मुसीबत मे हों, अपने माता पिता को विश्वास में लेकर हर बात बताएं ताकि मुसीबत आगे जाकर किसी बड़े संकट में न बदल जाए।
अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स का कारवां बुधवार को नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में पहुंचा। यहां छात्राओं ने ’माता पिता को समझें मित्र -कहें दिल की बात’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग किया। मुख्य अतिथि डीआरए डिग्री कालेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एमएम वार्ष्णेय ने कहा कि माता पिता ही सबसे करीबी व सच्चे मित्र होते हैं। सामने आने वाली हर समस्या को माता पिता को बताने की जरूरत है। यदि कोई रास्ते में परेशान करे तो उस बात को मामूली न समझें बल्कि मम्मी पापा को जरूर बताएं। वे अवश्य इस समस्या का समाधान करेंगे।
कालेज के प्रधानाचार्य महेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि घर में माता पिता और स्कूल में शिक्षक सबसे अच्छे मित्र साबित हो सकते हैं। ऐसे में उनसे अपनी हर समस्या शेयर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि माता पिता को भी अपने बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखना चाहिए। खासकर किशोरावस्था में तो उनसे दोस्ताना व्यवहार ही करना चाहिए तभी वे उनसे हर बात को साझा कर पाएंगे। कार्यक्रम का संचालन आचार्य नीरज मिश्रा ने किया।