उझानी (बदायूं)। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को देवनागरी इंटर कॉलेज में ‘गुरु ही देव, गुरु ही ब्रह्म’ के सार से छात्राओं को रूबरू कराने के लिए डीआईओएस राममूरत सिंह, शिक्षक, समाजसेविकाएं और प्रभारी निरीक्षक भी पहुंचे। वक्ताओं ने गुरु को तरक्की का पथ प्रदर्शक बताया, कहा कि जो भी उनके प्रति आदर से सराबोर रहता है, वह समाज में सम्मान पाता है।
कार्यक्रम का आगाज मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की और स्वागत गीत सुनाया। डीआईओएस राममूरत सिंह ने कहा कि मुकाम तक पहुंचने के लिए गुरु से ही शिक्षा मिलती है। बशर्ते, खुद में संघर्ष करने की क्षमता होनी चाहिए। नैतिकता और उसके मूल्यों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। पहली गुरु मां है लेकिन इंसान को मुकाम तक पहुंचाने के लिए परिपक्वता गुरु से ही मिलती है। संसार में सीखकर कोई नहीं आता लेकिन उसे सिखाने, अच्छाई और बुराई का अहसास कराने से लेकर उसे वह सबकुछ गुरु से ही हासिल होता है जो सम्मान पाने का हकदार बनाता है।
राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक रामप्रकाश शर्मा ने अच्छे संस्कार और अच्छी सोच पैदा करने के लिए गुरुओं की भूमिका को सराहा। समाजसेविका प्रियदर्शनी भारद्वाज ने कविता के माध्यम से गुरु की महिमा का वर्णन किया फिर छात्राओं को उनके दायित्वों का बोध कराया। अधिवक्ता विपर्णा गौड़ ने मुकाम तक पहुंचने के लिए संघर्ष करने की सलाह दी। पूर्व क्रीड़ाधिकारी सुभाषचंद्र मिनोचा, प्रधानाचार्य राममोहन शर्मा, प्रोमिला शर्मा और गोपाल शर्मा ने भी विचार रखे। संचालन कॉलेज के डॉयरेक्टर संकेत शर्मा ने किया।
प्रभारी निरीक्षक ने पढ़ाया सुरक्षा का पाठ
देवनागरी इंटर कॉलेज में अपराजिता के मायने समझाने के बाद प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने छात्राओं को पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा को लेकर योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि नारी सुरक्षा के लिए पुलिस विशेष रूप से सतर्क है। छात्राओं को घर से स्कूल जाते समय या फिर घर लौटते वक्त कोई दिक्कत हो तो उसे पहले घरवालों के सामने उजागर कर देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर पुलिस भी साथ देगी। महिला उत्पीड़न तो किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।