उझानी (बदायूं)। पहाड़ों पर हुई बारिश ने गंगा के जलस्तर को बढ़ा दिया है। इसका असर कछला गंगाघाट पर भी नजर आया। तेजी से बढ़े जलस्तर की वजह से गंगाघाट के आसपास प्रसाद आदि की कई झोपड़ीनुमा दुकानें चपेट में आ गईं। दुकानदारों के लिए सामान समेटकर निकलना भी मुश्किल हो गया। पूजा-अर्चना को बनीं तीन झोपड़ियां गंगा में बह गईं।
कछला गंगाघाट पर जलस्तर में वृद्धि गुरुवार शाम को हुई। उस समय झोपड़ीनुमा दुकानों में प्रसाद आदि के विक्रेता कम थे लेकिन जैसे ही उन्हें इसकी भनक लगी घाट की ओर दौड़ आए। हरीओम समेत तीन-चार दुकानदारों ने काफी हद तक सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। करीब एक घंटा तक अफरातफरी के बीच जिन दुकानदारों का तख्त आदि पर सामान रखा था, वह तो बच गया लेकिन नीचे रखे कपड़े और ईंधन पानी की चपेट में आ गया। तीन झोपड़ियां तो तेज बहाव में बहती चली गईं। प्रसाद विक्रेताओं के अनुसार बुलंदशहर जिले के नरौरा बैराज से गुरुवार सुबह पानी छोड़ा गया था। इसकी सूचना गंगा किनारे के लोगों को नहीं दी गई थी। बता दें कि शुक्रवार सुबह जलस्तर में गिरावट आई है। इसके बाद दुकानदारों ने तहस-नहस झोपड़ीनुमा दुकानों को फिर दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।
पहले भी चार-छह बार दुकानदारों का हो चुका है नुकसान
गंगाघाट के दुकानदारों के अनुसार ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। पहाड़ क्षेत्र में बारिश के बाद जब भी गंगा में जलस्तर बढ़ता है तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। बाढ़ के दिनों में दुकानदार पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाते हैं लेकिन बेमौसम जलस्तर बढ़ने के दौरान उन्हें पहले से भनक नहीं लग पाती। चार-छह बार पहले भी ऐसी ही परेशानी और नुकसान का सामना करना पड़ा है।