बदायूं। अमर उजाला फाउंडेंशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान कार्यक्रम के तहत मंगलवार को पार्वती आर्य कन्या इंटर कॉलेज में ‘पॉलिथीन-पर्यावरण की दुश्मन’ विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं को बताया गया कि वह पॉलिथीन का प्रयोग नहीं करें। उसके स्थान पर कपड़े और कागज की थैली का प्रयोग करें, जिससे हमारा पर्यावरण शुद्ध रहेगा और हम चैन की सांस ले सकेंगे। छात्राओं को यह भी बताया गया कि वह पॉलिथीन का प्रयोग न करने के लिए दूसरों को भी सचेत करें।
मंगलवार को हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीडीओ निशा अनंत ने कहा कि पॉलिथीन पर्यावरण के लिए खतरा है। हम थोड़ी सी सुविधा के लिए पॉलिथीन का प्रयोग करते हैं लेकिन असल में यही पॉलिथीन हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। अगर हम लगातार प्रयोग करते रहे तो एक दिन नदी, नाले, जमीन पर पॉलिथीन ही पड़ी दिखाई देगी। जमीन खोदेंगे तो मिट्टी नहीं पॉलिथीन निकलेगी। इसलिए हम लोगों को जागरूक होने का समय है। कहा- पानी की बोतल का भी प्रयोग कम से कम करें, इससे सिर्फ जल की बचत नहीं होगी बल्कि हमारा पर्यावरण भी शुद्ध रहेगा। प्रधानाचार्य मधु शर्मा ने कहा कि पॉलिथीन कई रूपों में आ रही है। चाहें दोना पत्तल हो या फिर कोई पैकेट हो, आज हर चीज प्लास्टिक से बन रही है। इससे फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो रहा है। इसे खत्म करने की शुरूआत हमें अपने घर से करनी होगी। कोई पॉलिथीन हमें नदी, नालियों में नहीं फेंकनी है। उसे एकत्र करके एक गड्ढे में दफन कर देना है।
शिक्षिका अमिता आलोक ने छात्राओं को कपड़े और कागज के थैले, थैली प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि वह या उनके परिवार वाले बाजार जाएं तो अपने घर से थैले लेकर जाएं। जहां तक हो, पॉलिथीन में कोई वस्तु नहीं खरीदें। अगर आ जाए तो उसे ऐसी जगह दबाएं जिससे कोई नुकसान नहीं हो। कार्यक्रम की शुरुआत में छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत गाया। इन छात्राओं को सीडीओ ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्य ने सीडीओ को प्रतीक चिह्न देकर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान गीतांजलि, रीना सिंह, लता सक्सेना, नीलम आर्या, कुसुम राठौर, ज्योति वर्मा, अरुण राठौर, पूनम, सुवज्ञा, लक्ष्मी आदि मौजूद रहीं।
छात्राओं के प्रति गंभीर दिखीं सीडीओ
मंगलवार को हुए कार्यक्रम में सीडीओ छात्राओं के प्रति काफी गंभीर दिखीं। उन्होंने उन्हें सिर्फ पॉलिथीन ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण से लेकर खुद की सुरक्षा पर भी विस्तार से जानकारी दी। कहा कि आज समय बदल चुका है। स्वास्थ्य को लेकर कहा कि पुराने समय में पीरियड्स के दौरान महिलाओं को मंदिर से लेकर रसोई में घुसने की इजाजत नहीं होती थी लेकिन आज ऐसा कुछ नहीं है। हमें अपनी सोच बदलनी होगी। यह छुआछूत का भेदभाव मिटाना होगा।
छात्राओं को फल वितरण किए
- कार्यक्रम के दौरान सीडीओ निशा अनंत ने छात्राओं को फल बांटे। वह कार्यक्रम में स्वयं फल लेकर पहुंची थीं। उनके इस प्यार को देखकर छात्राएं भी मंत्रमुग्ध हो गईं। कुछ छात्राओं ने सीडीओ के साथ सेल्फी भी ली और उनका जोरदार स्वागत किया।