बदायूं। चीनी महंगी होने के साथ उसकी कालाबाजारी होने की आशंका बढ़ गई। इसके मद्देनजर टीमों ने चीनी कारोबारियों का स्टॉक चेक किया। स्टॉक में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिली। स्टॉक मानकों के अनुरूप ही मिला। थोक कारोबारियों ने बताया कि जिलेभर में प्रतिदिन चीनी की करीब पांच सौ क्विंटल की खपत है। बता दें कि मिलों में 22,778 क्विंटल चीनी का स्टॉक मौजूद है। जहां इसकी निगरानी गन्ना विभाग कर रहा है।
चीनी के रेट बढ़ने के साथ ही कालाबाजारी की आशंका के चलते डिप्टी आरएमओ और जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देशन में सोमवार को टीमों ने छापे मारे। टीम में शामिल विपणन निरीक्षक शिवाकांत तिवारी, टिंकू दास और पूर्ति निरीक्षक योगेंद्र पाल ने बदायूं में मुन्ना लाल उमेश चंद्र ट्रेडर्स, आरएस इंटर प्राइजेज, कार्तिकेय इंटर प्राइजेज, प्रेम शंकर कृष्ण मुरारी, मोहन बाबू ट्रेडर्स आदि के यहां पर छापा मारा।
व्यापारियों के यहां से 2175 क्विंटल चीनी का स्टाॅक मिला। उझानी में विपणन निरीक्षक वैभव सिंह, राजकमल ने भी छापा मारा। वहां पर भी कोई गड़बड़ी नहीं मिली। मानकों से कम ही स्टॉक मिला।
उधर, थोक व्यापारियों का कहना है कि देश में चीनी की खपत लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार की ओर से सेल्स कोटा नहीं बढ़ाया जा रहा है। वहीं मिलों की ओर से लगातार दाम बढ़ाए जा रहे हैं। इससे थोक में चीनी के दाम में 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी हुई है। मिलों ने पहले धीरे-धीरे दाम बढ़ाकर 4800 रुपये प्रति क्विंटल किए, फिर 5900 रुपये कर दिए। जीएसटी जोड़ने के बाद थोक व्यापारी इसे 6200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेच रहे हैं।
मिलों के स्टॉक की निगरानी बढ़ाई
जिले की दोनों मिलों पर 22,778 क्विंटल चीनी का स्टॉक मौजूद है। गन्ना विभाग की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार, जिले की यदु शुगर मिल पर चीनी करीब 22,778 क्विंटल मौजूद है। गन्ना अधिकारी ने जितेंद्र यादव ने बताया कि मिलों के स्टॉक पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रतिदिन स्टॉक ब्यौरा मांगा जा रहा है।
रक्षाबंधन तक प्रति दुकान चार क्विंटल चीनी की खपत
जिले में छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 500 मिठाई की दुकानें हैं। इसमें 250 दुकानें पंजीकृत हैं। इन दुकानों पर रक्षाबंधन के मद्देनजर मिष्ठान तैयार किए जा रहे हैं, जिसमें चीनी की क्विंटलों से खपत हो रही है। एक दुकान पर औसतन चार क्विंटल चीनी की खपत होने की बात सामने आई है। कुल मिलाकर त्योहारी सीजन में करीब दो हजार क्विंटल चीनी की खपत मिष्ठान में हो जाएगी।
थोक व्यापारियों का स्टॉक चेक कराया गया है। पांच कारोबारियों के यहां 2175 क्विंटल चीनी मिली है, जो निर्धारित स्टॉक से कम है। निगरानी कराई जा रही है। कालाबाजारी रोकने को टीमें छापा मारकर कार्रवाई कर रही हैं। - सतीश कुमार मिश्रा, डीएसओ
मिलों के दाम बढ़ाने से महंगी हुई चीनी
मिलों की ओर से लगातार बढ़ाए गए दामों की वजह चीनी के दाम में उछाल आया है, चीनी की जिले में कोई कमी नहीं है, इसलिए ग्राहकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अभी और रेट बढ़ने की उम्मीद कम है। - प्रेम शंकर, थोक व्यापारी
चीनी का प्रति माह का स्टॉक सरकार की ओर तय किया जाता है। पिछले सालों के जितना सेल्स कोटा इस माह में भी दिया गया, लेकिन यह मांग के अनुसार पर्याप्त नहीं है, इस कारण चीनी के दाम बढ़े हैं। जिले में चीनी का स्टॉक भरपूर है। कमी नहीं आएगी। - क्षितिज वैश्य, थोक व्यापारी
क्षितिज वैश्य, थोक व्यापारी
क्षितिज वैश्य, थोक व्यापारी