प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही कहें या मनमानी। सरकार द्वारा लागू एनएफएसए योजना का लाभ पात्रों की बजाय अपात्रों को मिल रहा है। योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले प्रत्येक परिवार को दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपये किलो चावल उपलब्ध कराए जाते है, लेकिन योजना के अंतर्गत राशन कार्ड तो बने नहीं हैं बल्कि राशन कार्ड के नाम पर पर्ची जारी की गई हैं। इन पर्चियों को अधिकांश कोटेदारों ने अपने हिसाब से आवेदन करके बनवाया था। इसमें पात्रों के बजाय अपात्रों को अधिक लाभ मिल रहा है।
इस योजना में व्यवस्था है कि कोई भी व्यक्ति आनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकता है। आवेदन के ऑनलाइन होने के बाद पर्ची आवेदक को पूर्ति कार्यालय में दाखिल करनी होगी और ग्राम पचायत सचिव आवेदक की पात्रता की जांच करेगा। पात्रता की जांच रिपोर्ट पंचायत सचिव को दस दिन के अंदर उपलब्ध करानी अनिवार्य है, लेकिन तीन माह पहले गई पर्चियों पर आज तक पंचायत सचिवों ने कोई भी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है। इससे अपात्रों की मौज आ रही है, जबकि पात्र बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं।
पूर्ति निरीक्षक कार्यालय से बिसौली ब्लाक को 19664, आसफपुर को 24390, वजीरगंज को 18072 एवं इस्लामनगर को 9920 आनलाइन आवेदनपत्र जिनकी संख्या 72046 है। यह आवेदन पर जांच को भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक 20 हजार आवेदन पत्र ही जांच के बाद वापस आ पाए हैं, लेकिन गांवों में अपात्र अब भी राशन प्राप्त कर रहे हैं। उनमें से एक भी अपात्र का नाम जांच बाद नहीं भेजा है इस कारण से लगातार आपत्रों की मौज आ रही है।
बिसौली। आवेदन पत्रों की जांच ब्लाक के अधिकारियों द्वारा हो रही है। इसमें जो भी अपात्र राशन लेते हुए पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होने के साथ ही सरकारी माल की रिकवरी भी की जाएगी। यह जानकारी देते हए पूर्ति निरीक्षक कुलदीप जैन ने बताया कि जिन अपात्रों ने गलत जानकारी देकर अपने राशन कार्ड बनवा लिए हैं और राशन प्राप्त कर रहे हैं उनके विरूद्ध नोटिस जारी किए जा रहे हैं। शीघ्र ही उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।