बदायूं। प्रारंभिक स्तर से ही बच्चों की निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से अब स्कूली छात्रों की तरह आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के भी अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) पहचान पत्र बनाए जाएंगे। विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।
जिले मेें 2940 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। बच्चों को शुरुआत के तीन साल तक आंगनबाड़ी या बालवाटिका में पढ़ाई करनी होती है, जिसमें तीन से छह वर्ष आयुवर्ग के बच्चे रहते हैं। जनपद में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में करीब एक लाख से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी में तीन वर्ष पढ़ाई करने के बाद उनका प्रवेश प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में कराया जाता है, जिसके बाद उनकी आगे की पढ़ाई होती है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, सभी छात्रों की अपार आइडी तैयार हो जाने से देश के किसी भी हिस्से में उनके पढ़ाई के लिए जाने पर उन्हें आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर भी नजर रखी जा सकेगी। जनपद में इसको लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि शासन से निर्देशों के क्रम में अपार आईडी बनाई जाएगी। संवाद