बदायूं राइफल क्लब शनिवार को उप्र मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के कर्मचारियों की शीर्ष गतिविधियों को गवाह बना। यह पहला अवसर था जब संगठन का प्रांतीय सम्मेलन बदायूं में हुआ। यहां पारित किए गए सात प्रस्तावों में प्रमुख प्रस्ताव राजस्व परिषद के खिलाफ हुआ, कहा गया कि एक माह का समय है कि राजस्व परिषद ने प्रशासनिक अधिकारियों के रिक्त पदों को नहीं भरा तो उसका घेराव किया जाएगा। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी ने साफ किया कि संगठन को विघटित की जाने वाली गतिविधियों को पुरजोर विरोध होगा। उन्होंने संगठन के चुनाव को लेकर राजस्व परिषद के पत्र की भारी भर्त्सना की।
राइफल क्लब में आयोजित संघ के सम्मेलन में कई जिलों से आए पदाधिकारियों के समक्ष सात प्रस्ताव पास किए गए। जिनका अनुपालन सभी जिला इकाइयों को करने को कहा गया। प्रांतीय अध्यक्ष के साथ प्रांतीय महामंत्री श्रीनाथधर दुबे ने परिषद के उस पत्र की घोर भर्त्सना की कि संघ का कार्यकाल खत्म होने और एक माह में संघ का अधिवेशन कराए जाने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रांतीय अधिवेशन संघ के संविधान के हिसाब से ही कराया जाएगा। राजस्व परिषद वर्ष 2011 के स्वीकृत मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने में असफल रही है। संघ की मांगों से ध्यान हटाने को ऐसा किया गया है। जो किसी कर्मचारी को स्वीकार नहीं होगा। राजस्व परिषद में इसके लिए आपत्ति दर्ज कराई जाएगी।
प्रस्ताव में कहा गया कि मथुरा की त्रिमासिक बैठक में छह माह का कार्यकाल विस्तार का प्रस्ताव हो चुका है। संगठन द्वारा इस संबंध में शासन और राजस्व परिषद समेत जिला शाखाओं को भी सूचित किया जा चुका है। इसका सभी ने अनुमोदन किया।
अगले प्रस्ताव में कहा गया कि एक माह में मुख्य प्रशासनिक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों रिक्त पदों पर तैनाती नहीं की जाती है तो संघ राजस्व परिषद का घेराव करेगा। जिला एटा के उस प्रकरण की निंदा की गई। जिसमें प्रांतीय अधिवेशन की सूचना राजस्व परिषद को भेजी गई। कहा गया यह एटा का संगठन कमजोर करने की साजिश है। ऐसे पदाधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का फैसला लिया गया। सम्मेलन में कलेक्ट्रेट को मिनी सचिवालय घोषित किए जाने की मांग को दोहराया।
इधर, उरई में पूर्व प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र कुमार सोनी द्वारा चार्ज नहीं दिए जाने को गंभीर अनियमितता में माना गया और सर्व सम्मति से कार्रवाई का फैसला लिया गया। सम्मेलन में संयुक्त मंत्री हरीकांत शर्मा, आजमगढ़ से संतोष कुमार यादव, बस्ती से अशोक कुमार मिश्रा, अमेठी से एसपी सिंह, बरेली मंडल अध्यक्ष रूपेश सिन्हा, नवल सक्सेना, संघ के बदायूं अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा ओर महामंत्री रवेंद्र प्रकाश सक्सेना ने भी विचार व्यक्त किए। सभी व्यवस्थाएं प्रभाकर शर्मा ने देखी और बाद में धन्यवाद ज्ञापित किया।
बदायूं में अधिवेशन के प्रस्ताव पर मंडल की सहमति
संघ के अगला प्रांतीय अधिवेशन बदायूं, बस्ती और हरदोई जिलों में रखने का प्रस्ताव रखा गया। जिला बरेली और पीलीभीत के पदाधिकारियों और मंडल ने बदायूं के लिए अपनी सहमति जताई। सम्मेलन में आजमगढ़, अमेठी, गोंडा, बस्ती, कासगंज, बुलंदशहर, बागपत, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, हरदोई, शाहजहांपुर, संत कबीर नगर, हमीरपुर, सुल्तानपुर, महाराजगंज, आगरा, रामपुर, राय बरेली, गौतम बुद्ध नगर, फिरोजाबाद, जौनपुर आदि जिलो के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।