ओलावृष्टि में हुए फसल के नुकसान में किसानों को दी जा रही राहत राशि में अनियमितताएं बरते जाने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजीव गुप्ता और जिला महामंत्री राणा प्रताप के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। कार्यकर्ता प्रदेश सरकार को किसान विरोधी होने संबंधी नारे लगा रहे थे। एसडीएम को सौंपे राज्यपाल को संबोधित करते हुए ज्ञापन में भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सत्ता से जुड़े हुए लोगों को राहत के चेक दिए जा रहे हैं। बाकी किसानों के साथ मात्र औपचारिकता पूर्ण की जा रही है। बहुत बड़ी संख्या में ऐसे किसान भी हैं, जिनका नुकसान काफी हुआ और उन्हें धेला भी नहीं मिला। आरोप लगाया कि लेखपाल बगैर सुविधा शुल्क के लिए चेक नहीं बनाता है। गरीब किसान के पास पैसे ही नहीं है इसलिए चेक नहीं दिए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए करोड़ों रुपये का बजट प्रदेश सरकार को दिया है। प्रदेश सरकार इस धन को वर्गवार और संप्रदायवाद पर आधारित होकर कुछ गिने चुने किसानों को ही लाभ पहुंचा रही है। किसानों की क्षतिपूर्ति का आकलन खेतों पर जाकर लेखपाल को करना चाहिए लेकिन बंद कमरों में बैठकर सत्ता नेताओं के इशारों पर लेखपाल क्षतिपूर्ति की सूची बनाते हैं। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से अनुरोध किया है कि सक्षम अधिकारी से क्षति का आकलन कराकर पुन: सूची तैयार कराई जाए। जिससे वंचित किसानों को लाभ मिल सके। रैली से पूर्व श्याम धर्मशाला में कार्यकर्ताओं की बैठक आहूत हुई, जिसमें राजीव गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार सुनियोजित तरीके से केंद्र सरकार को बदनाम कर रही है। केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए पांच सौ छह करोड़ रुपये प्रदेश सरकार को दिए हैं। यदि ये धन खर्च हो गया है तो नियमानुसार प्रदेश सरकार को और धन की मांग करनी चाहिए। राणा प्रताप सिंह ने कहा कि राहत के नाम पर धन का बंदरबांट हो रहा है।
ज्ञापन देने वालों में संतोष शंखधार, मैकूलाल, शेर बहादुर, राकेश सक्सेना, आदेश प्रताप सिंह, वीरपाल सिंह, सुग्रीव गुप्ता और आदेश कुमार सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।