बदायूं। यूपी बोर्ड परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के लिए अलग-अलग रंगों की कलर कोडिंग वाली उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान आसानी से हो सके और वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न रहे।
जिला विद्यालय निरीक्षक लालजी यादव ने बताया कि इस बार हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं की ए कॉपी के प्रथम पृष्ठ का रंग हरा होगा, जबकि इंटरमीडिएट की ए कॉपी का पहला पृष्ठ मैजेंटा (हल्का गुलाबी) रंग का रहेगा। इसी प्रकार बी कॉपी के लिए भी अलग-अलग रंग कोड निर्धारित किए गए हैं, जिससे कक्षानुसार, विषयानुसार और परीक्षा स्तर के अनुसार उत्तर पुस्तिकाओं की तुरंत पहचान की जा सकेगी।
गलती और अदला-बदली रोकने में मिलेगी मदद
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब तक एक जैसे रंग की उत्तर पुस्तिकाएं होने के कारण कई बार वितरण और संकलन के दौरान भ्रम की स्थिति बन जाती थी। कलर कोडिंग लागू होने से हाईस्कूल और इंटर की कॉपियों को तुरंत अलग-अलग पहचाना जा सकेगा, जिससे गलत कॉपी देने, आपस में बदलने या संकलन में त्रुटि जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
विद्यार्थी ले सकेंगे हेल्प डेस्क की मदद
इस बार यूपी बोर्ड ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाने का भी निर्णय लिया है। इन हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मी परीक्षार्थियों को कक्ष संख्या, सीटिंग प्लान, विषय, समय, उत्तर पुस्तिका से संबंधित जानकारी तथा अन्य आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि परीक्षा से पहले विद्यार्थियों को भटकना न पड़े। वे तनावमुक्त होकर परीक्षा में शामिल हो सकें।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
कलर कोडिंग और हेल्प डेस्क व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों में भी उत्साह देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इससे परीक्षा केंद्रों पर होने वाली अव्यवस्था कम होगी। समय पर सही जानकारी मिलने से मानसिक दबाव टेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह नई व्यवस्था परीक्षा प्रणाली को अधिक सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगी तथा यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की विश्वसनीयता को और मजबूत करेगी।