बदायूं। जिले के 140 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से लगभग 80 को विलय योजन के तहत बाहर कर दिया गया है। ऐसे में विलय होने से खाली हुए 60 विद्यालयों आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होंगे। यहां पर बच्चों को शिक्षा व पोषण सेवाएं मिलेंगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय विद्यालयों में बच्चों की संख्या, भवन की क्षमता, संसाधनों की उपलब्धता और स्थानीय जरूरतों को देखते हुए लिया गया है। विद्यालयों के विलय होने से खाली हुए भवनों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होंगे। इन विद्यालयों में तीन से छह वर्ष के बच्चों को पोषण आहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा एक ही परिसर में मिलेगी। इससे बच्चों का समय बचेगा और माता-पिता को भी सुविधा होगी। अब इन स्कूलों की 500 मीटर की परिधि वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन किया जाएगा। इसको लेकर ब्लॉक स्तर पर शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम चयन करेगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि जल्द ही चिह्नाकन की कार्रवाई की जाएगी।