संक्रामक रोगों पर काबू पाने में स्वास्थ्य महकमा फेल
अगस्त के पहले सप्ताह में दस्तक देने वाला संक्रामक बुखार जिले में अब भी जिंदगियों को निगल रहा है। चौबीस घंटे में चार लोगों की डेंगू और दो की संक्रामक बुखार से मौत हो गई। शहर के मोहल्ला खंडसारी, उसावां के वार्ड नंबर छह, ककराला के वार्ड नंबर 14 और अलापुर के वार्ड नंबर आठ में चार लोगों की डेंगू ने जान ले ली। जगत ब्लाक के कौंर गांव और अलापुर के वार्ड नंबर एक में दो लोगों की बुखार से जान चली गई। स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी स्थिति पर काबू नहीं हो रहा। स्वास्थ्य विभाग की 18 टीमें जिले में काम कर रही हैं। इसके साथ ही कई समाजसेवी भी हेल्थ कैंप लगवा रहे हैं। इसके बावजूद जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या 70 के पार हो चुकी है।
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शहर के युवक की बरेली में डेंगू से मौत
बदायूं। शहर के मोहल्ला खंडसारी मोहल्ला खंडसारी निवासी सुल्तान (45) पुत्र सुफैल अहमद को कई दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय डॉक्टर से इलाज में फायदा न होने पर परिवार वालों ने उसे बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया। यहां जांच में उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई। रविवार को इलाज के दौरान सुल्तान ने दम तोड़ दिया।
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छात्र को निगल गया जानलेवा डेंगू
उसावां। कस्बे के वार्ड नंबर छह में 12 वर्षीय एक छात्र को जानलेवा डेंगू निगल गया। वार्ड नंबर छह के कालीचरन पाठक का पुत्र दीपक शाहजहांपुर के मिर्जापुर में अपनी ननिहाल में रहकर पढ़ाई करता था। वह कक्षा छह का छात्र था। तीन दिन पहले ही दीपक अपने घर आया। तीन दिन पहले उसे बुखार आ गया। डॉक्टर ने डेंगू होने की पुष्टि की। शनिवार रात दीपक की हालत बिगड़ गई। परिवार वाले दीपक को अस्पताल ला रहे थे। उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। दीपक चार बहनों में अकेला बेटा था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
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अलापुर-ककराला में दो ती लोगों की सांसें थमीं
अलापुर/ककराला। जानलेवा बने संक्रामक बुखार और डेंगू ने तीन लोगों की मौत हो गई। अलापुर के वार्ड नंबर एक निवासी दयाराम (50) को कई दिन से बुखार आ रहा था। उनका स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया जा रहा था। रविवार को दयाराम ने दम तोड़ दिया।
दूसरी मौत डेंगू से हुई है। वार्ड नंबर आठ निवासी देवेंद्र यादव के पुत्र आंशू (15) को कई दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय डॉक्टर के इलाज से फायदा न होने पर परिवार वालों ने आशू को बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान आंशू ने दम तोड़ दिया। आशू को जांच में डेंगू पाया गया था। इधर, कस्बा ककराला के वार्ड नंबर 18 निवासी जाबिर कुरैशी (35) पुत्र आमीन कुरैशी ने भी बरेली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसे पांच दिन पहले बुखार आने पर बरेली में भर्ती कराया गया था। यहां डॉक्टर ने डेंगू की पुष्टि की। रविवार को जाबिर ने दम तोड़ दिया।
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मूसाझाग के कौंर में बुखार से एक मौत
मूसाझाग। जगत ब्लाक के गांव कौर में महेंद्र सिंह (50) पुत्र ऐतराम सिंह बुखार से पीड़ित थे। स्थानीय डॉक्टर से ही उनका इलाज कराया जा रहा था। शनिवार रात महेंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया।
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संक्रामक रोगों की मुख्य वजह गंदगी
बदायूं। जिले में संक्रामक रोगों की वजह गंदगी है। ग्राम स्वास्थ्य और स्वच्छता खमितियों को साफ-सफाई और मच्छरनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए 10-10 हजार रुपये दिए गए थे। इस राशि का इस्तेमाल कहां हुआ कुछ पता नहीं। तमाम गांवों में सफाई कर्मचारी भी लापरवाही कर रहे हैं। इसका खामियाजा संक्रामक रोगों के रूप में सामने आ रहा है और स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी हो रही है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे जिले में काम कर रही हैं। नागरिकों को भी स्वच्छता के प्रति गंभीर होने की जरूरत है। घरों के आस-पास जल भराव न होने दें। साफ-सफाई होने पर ही स्थिति पर पूरी तरह से काबू हो सकता है।
-डॉ. सुनील कुमार, सीएमओ