आंगनबाड़ी वर्करों ने सरकार पर लगाया अपमान करने का आरोप
राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने और वेतन बढ़ाए जाने की मांग को लेकर आंदोलित आंगनबाड़ी वर्करों का धरना-प्रदर्शन 30वें दिन शनिवार को भी जारी रहा। आवाज बुलंद करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने आठ सौ रुपये की बढ़ोतरी कर महिला आंगनबाड़ी वर्कर व सहायिकाओं को अपमानित करने का काम किया है। बोलीं, अगर सरकार उचित मानेदय देने में अक्षम है तो उनसे दर्जनों काम लेना भी बंद करे।
धरने में आगरा से आई भारतीय महिला फेडरेशन की निशा राठौर ने कहा कि महिला शक्ति किसी से न घबराए। कहा कि प्रदेश सरकार ने जो महिलाओं पर कृत्य किया है वह निंदनीय है। चेताया कि आगामी चुनाव में इसका बदला लिया जाएगा। उन्होंने वर्करों से कहा कि संघर्ष जारी रखना है, जरूरत पड़ी तो जेल भरो आंदोलन के लिए भी तैयार रहें।
जिलाध्यक्ष मिथलेश ने कहा कि बरेली में प्रशासन ने बल का प्रयोग किया, जो गलत है। कहा कि आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। माया देवी शाक्य ने कहा कि आंदोलन ने गति पकड़ ली है। प्रत्येक ब्लॉक से अब ज्यादा संख्या में भागीदारी होने लगी है। इस मौके पर मोरश्री, शारदा देवी मौर्य, ब्रजेश माहेश्वरी, सरला, अर्चना शर्मा, सुधा उपाध्याय, वर्षा, कीर्ति सिंह, अर्चना गुप्ता, कमलेश, ममता, पूनम सिंह, सीता कश्यप, प्रेमलता, चांद बी आदि तमाम वर्कर मौजूद रहीं। इधर, क्रमिक अनशन पर प्रीती, सावित्री राठौर, रेखा देवी, सोमवती, कृष्णादेवी, एकता, किरन, ओमवती, ब्रह्मादेवी, विघोत्मा देवी, रूपशीला बैठी रहीं।