बदायूं। जिला महिला अस्पताल की 100 शैय्या भवन की गैलरी में प्रसव होने व नवजात की मृत्यु के प्रकरण को शासन ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन स्तर से रिपोर्ट तलब की गई है। डीएम अवनीश राय ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जांच समिति में सीडीओ, एडीएम (एफआर) व सीएमओ को शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी ने समिति को निर्देशित किया है कि वह पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, तथ्यात्मक व विस्तृत जांच कर तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। संबंधित चिकित्सकीय और नर्सिंग स्टाफ की भूमिका क्या रही। प्रबंधन स्तर पर किस प्रकार की लापरवाही बरती गई। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान संबंधित अभिलेखों, ड्यूटी चार्ट, सीसीटीवी फुटेज व स्टाफ की तैनाती का परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर हुई त्रुटि या लापरवाही सामने आ सके।
डीएम ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी निश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, एंबुलेंस टीम से भी इस संबंध में जवाब मांगा है कि जब महिला के लिए एंबुलेंस बुलाई गई तो वह समय पर क्यों नहीं पहुंची।
महिला सीएमएस ने भी अलग से बनाई टीम
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शोभा अग्रवाल पहले इस प्रकरण में सभी को गुमराह करती रहीं। घटना से अलग बयानबाजी की। जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ तब सीएमएस ने खुद को फंसता हुआ पाया। इसके बाद उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई। कमेटी में उन्होंने एसीएमओ डॉ. मोहन झा, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा यादव और महिला अस्पताल की मैर्टन को शामिल किया है।
महिला अस्पताल की 100 शैय्या भवन की गैलरी में प्रसव होना और नवजात की मृत्यु के मामले में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में मामलों में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -अवनीश राय, जिलाधिकारी बदायूं