सिरसौली के जंगल में जंगली सूअर को खदेड़ने को निकले ग्रामीण। स्रोत- ग्रामीण
उझानी। गली सूअर को पकड़ने के लिए सोमवार सुबह सिरसौली के ग्रामीणों ने खोजबीन की। वह मेडिकल कॉलेज की तरफ गेहूं के खेत में नजर आ गया। घेराबंदी के दौरान शोरगुल के बीच पकड़ में आने से पहले ही वह जंगल की तरफ चला गया।
सिरसौली गांव के पास कुछ लोगों ने जंगली सूअर को रविवार शाम भी खेतों में देखा था। अंधेरा होने की वजह से ग्रामीण खेतों की तरफ नहीं गए। सोमवार सुबह करीब नौ बजे आठ-नौ ग्रामीण लाठी डंडे लेकर जंगल की ओर निकल पड़े। पुष्पेंद्र की नजर जंगली सूअर पर पड़ी। पुष्पेंद्र के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने खेत की घेराबंदी कर ली। ग्रामीण भगवान सिंह ने बताया कि कुछ युवक सूअर के करीब तक पहुंच गए। ग्रामीणों को लगा कि वह फिर से हमलावर हो सकता है, तभी शोर मचा दिया। पकड़ में आने से पहले सूअर खेतों से होकर जंगल की ओर भाग गया। दोपहर बाद तक ग्रामीण जंगल में ही डटे रहे, लेकिन वह फिर नजर नहीं आया। बता दें कि इसी जंगली सूअर ने पांच दिन पहले रेस्क्यू के दौरान वन दरोगा शुभम प्रताप सिंह पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल वन दरोगा का बरेली में इलाज चल रहा है। इससे लेकर ग्रामीण में दहशत बनी हुई है।
जंगली सुअर पकड़वाने को भाकियू नेता ने सौंपा ज्ञापन
- सिरसौली के जंगल में जंगली सूअर को लेकर परेशान ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल के साथ भारतीय किसान यूनियन के मंडलीय प्रवक्ता राजेश सक्सेना डीएम को संबोधित ज्ञापन देने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट से तो उनकी मुलाकात नहीं हो पाई, लेकिन ज्ञापन उनके कार्यालय प्रभारी को सौंप दिया गया। सक्सेना ने बताया कि जंगली सूअर पकड़वाने की मांग की गई है। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने धरना देने की चेतावनी दी है।
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वर्जन
-सिरसौली गांव के आसपास अभी जंगली सूअर नहीं देखा गया है। अगर ग्रामीण बता रहे है कि उन्होंने देखा, तो फिर से टीम को गांव में भेजकर दिखवाया जाएगा। उसको पकड़वाया जाएगा।
-निधि चौहान, डीएफओ बदायूं