कादरचौक। जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लक्ष्यों के साथ शुरू की गई सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अमृत सरोवर विभागीय अनदेखी की भेंट चढ़ गई है। जिस योजना को जल संचयन के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया गया था। आज वह बदहाली के कारण गंदगी का केंद्र बनकर रह गई है। अमृत सरोवर सूखे पड़े हुए हैं।
धनूपुरा, ढबारसी, निजामाबाद, असरासी और ककोड़ा जैसे गांवों में बने अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं। चारों तरफ कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इन सरोवरों में पानी के संचयन की जगह गंदगी और कूड़ा-कचरा जमा हो रहा है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण सरोवरों का रखरखाव पूरी तरह ठप है। पिकनिक स्पॉट के लिए निर्धारित स्थान अब निजी कार्यों और गंदगी डंप करने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। न तो यहां वर्षा जल का संचयन हो पा रहा है और न ही यह स्थान पिकनिक लायक बचा है।
एडीओ पंचायत ब्रह्म नारायण शर्मा ने बताया कि जल्द तालाबों में पानी भरवाया जाएगा। क्षतिग्रस्त तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए पुन: समुचित रूप से दुरुस्त कराया जाएगा। संवाद