सात जून की रात को करीब दो बजे कुंवरगांव के अमित का शव खेत में मिला था। उसके पेट पर मोबाइल और चारपाई पर एक तमंचा बरामद हुआ था। अमित के दाहिनी आंख के पास गोली लगने का घाव था और काफी खून बह गया था। इस मामले में अमित के बाबा सतीश चंद्र ने गांव के तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने उनको हिरासत में लिया लेकिन हत्या का वजह साफ नहीं हुई।
पुलिस ने अमित के पास मिले मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली। इससे जानकारी हुई कि घटना के दिन दो मोबाइल नंबरों पर उसने 18 बार बात की। वह नंबर उन्नाव के गांव फतेहपुर चौरासी की रहने वाली एक महिला का था। पुलिस ने उससे पूछताछ की। उसने पुलिस को बताया कि उसकी एक साल पहले फेसबुक के जरिये कुंवरगांव के अमित कुमार से पहचान हुई थी। दोनों में अक्सर बात होती थी। दोस्ती हो गई।
महिला ने बताया कि सात जून को अमित ने वीडियो कॉल किया। उसने चार कारतूस व एक तमंचा दिखाया। वह शादी करने का दबाव बनाने लगा। कई बार फोन काटा, लेकिन वह बार-बार कॉल कर रहा था। वह जिद कर रहा था कि शादी के लिए हां करो, अंग प्रदर्शन करो और मिलने आओ। जब मना किया तो वीडियो कॉल पर तमंचा दिखाकर गोली चलाई।
उसके बाद कहा कि यदि मिलने नहीं आओगी तो मैं गोली मार लूंगा। उस पर महिला ने कहा कि अभी तुम नौजवान हो कोई अच्छी सी लड़की देखकर शादी कर लो। इस तरह की बातें न किया करो। इसी बात पर उसने दूसरी गोली चलाई और फोन कट गया।