बदायूं। अमर ज्योति कंपनी के निदेशकों पर दर्ज दो एफआईआर में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों निदेशकों को तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। साथ ही उन्हें निवेशकों के जमा और निकासी के दस्तावेज जमा करने की बात कही है।
बरेली निवासी पूर्व भाजपा नेता शशिकांत और सूर्यकांत मौर्य मीरा सराय स्थित अमर ज्योति कंपनी चलाते थे। तीन माह पहले वह हजारों निवेशकों का करोड़ों रुपये लेकर भाग गए थे। इस मामले में कोतवाली में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन गुप्ता और महासचिव अरविंद पाल सिंह परमार सहित अन्य दो लोगों ने मुकदमे दर्ज कराए हैं। अरविंद पाल की एफआईआर में गिरफ्तारी से रोक के लिए निदेशकों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस मामले में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान निवेशकों का कंपनी में जमा धन और निकासी के दस्तावेज मांगे थे, लेकिन वह दस्तावेज अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया।
आरोपियों के अधिवक्ताओं ने तर्क रखा कि दस्तावेज कंपनी में रखे हुए हैं। गिरफ्तारी के डर से वह कंपनी में नहीं जा पा रहे हैं। इस पर कोर्ट ने निदेशकों को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी। इस दौरान उन्हें दस्तावेज जमा करने की बात कही है। वहीं, हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान निवेशकों की ओर से आरपीएस चौहान, मानवेंद्र चौहान एडवोकेट, रविशंकर त्रिपाठी ने बहस की। इस दौरान वादी जिला बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद पाल सिंह परमार मौजूद रहे।
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