उझानी। हिंदू सम्मेलन में सनातन की रक्षा के लिए आपसी एकजुटता पर जोर दिया गया। राजस्थान में ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (एचआरपीसी) की ब्रांड एंबेसडर करिश्मा हाड़ा ने सनातन और सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं के योगदान की तारीफ की। कहा- हर क्षेत्र में सक्रिय महिलाओं के योगदान को कम नहीं आंका जा सकता।
सम्मेलन नगर पालिका परिषद के पार्क में रविवार अपराह्न तीन बजे शुरू हुआ। मुख्य अतिथि राजस्थान में करिश्मा हाड़ा ने हर स्त्री में सरस्वती का वास है। महिलाओें ने जनक्रांति लाने का काम किया है। राजनीति और सामाजिक कार्यों में भी महिलाओं के योगदान को कम नहीं आंका जा सकता। उनका प्रभाव कहीं पर कम नहीं है।
कहा, सनातन धर्म कोई पूजा पद्धति नहीं है। वह जीने का आधार है। हिंदुत्व का अर्थ है अपनी संस्कृति पर गर्व करना। हिंदुत्व ही बुराइयों के खिलाफ आवाज बुलंद करने का साहस प्रदान करता है। धर्म पर घात होगा तो वह प्रतिघात करने को तैयार हैं। उन्होंने आपसी एकजुटता पर जोर दिया। कहा कि एकजुट रहकर राष्ट्र प्रेम की भावना जाग्रत करनी चाहिए।
स्वामी शिवानंद ने कहा कि दुनिया में सनातन की रक्षा के लिए एकजुट रहना आवश्यक है। सनातन के अलावा कोई धर्म नहीं हैं। बाकी तो सभी पंथ हैं। सनातनियों में पाकिस्तान को मिटा देने का दम है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक भरत लाल ने देश और दुनिया में सनातन की भूमिका की सराहना की। कहा- सनातनियों की वजह से हम सभी सुरक्षित हैं। पूर्व राज्यमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल ने राष्ट्रप्रेम की दिशा में सक्रिय रहने का आह्वान किया।
इससे पहले आयोजक मंडल में शामिल भाजपा नगर अध्यक्ष सचिन अग्रवाल, कमलेश वार्ष्णेय, अजय तोमर, शैलेंद्र सिंह और दुष्यंत कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर हर्षवर्धन राजपूत, रानी सिंह पुंडीर, अभिमन्यु प्रताप सिंह, अरविंद शर्मा, शिव किशोर माहेश्वरी, राहुल शंखधार, संजय यादव, सुमन वाल्मीकि, प्रेमपाल कश्यप, विनोद पाल सिंह आदि मौजूद थे। सम्मेलन की अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार गुप्ता और संचालन शैलेंद्र सिंह ने किया।