बदायूं। न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में अधिवक्ता इंद्रजीत सिंह ने संभल के बबराला निवासी विवेक कुमार वार्ष्णेय और उसके भाई बबलू के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, रंगदारी और धमकी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में इंद्रजीत ने बताया कि विवेक कुमार को अलग-अलग बैंक खातों से गूगल-पे के माध्यम से कुल 3.47 लाख रुपये दिए थे। इसमें से 2.62 लाख रुपये वापस किए गए, जबकि 85 हजार रुपये अब तक नहीं लौटाए गए।
शिकायत में इंद्रजीत सिंह ने बताया कि वह बदायूं कलक्ट्रेट में वकालत करते हैं। करीब पांच साल पहले विवेक कुमार से उनका परिचय हुआ था। विवेक ने अपनी मजबूरी बताकर रुपये मांगे थे। विश्वास में आकर उन्होंने उसके बैंक खातों में रकम भेजी। चार साल पहले रुपये वापस मांगने पर विवेक ने 2.62 लाख रुपये लौटा दिए। शेष 85 हजार रुपये 31 दिसंबर 2023 तक लौटाने का वादा किया था।
आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी रकम नहीं लौटाई गई। रुपये मांगने पर विवेक और उसके भाई बबलू ने उनके साथ धोखाधड़ी की। दोनों ने तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी। उनके आसपास कुछ संदिग्ध लोग नजर आ रहे हैं, जिससे उन्हें अपने और परिवार के जान-माल का खतरा है।
बताया कि उन्होंने पहले सिविल लाइंस थाने में कार्रवाई के लिए तहरीर दी। रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजे। इसके बाद न्यायालय की शरण ली। एएसपी सुमेध मिलिंद जाधव ने बताया कि जांच कराई जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।