क्षेत्र के अनेक गांव के लोगों ने फसल में हुए नुकसान के सर्वे में गड़बड़ी होने की शिकायत एसडीएम से की है। आरोप है कि कहीं सर्वे को लेखपाल ही नहीं जा रहा है और कहीं मुआवजा सूची में नाम ही दर्ज नहीं हो रहे हैं। उसहैत क्षेत्र के बाकरपुर गांव के राजेंद्र सिंह, दर्शन सिंह, निशाल सिंह और अवतार सिंह आदि ने एसडीएम को बताया कि 25 परिवारों की करीब 300 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। फसल के सर्वे के लिए लेखपाल को कई बार फोन किया तो वह व्यस्त होने की बात कहकर नहीं आए। सर्वे के चक्कर में किसान फसल भी नहीं काट रहे हैं, जबकि मौसम रोजाना खराब हो रहा है। चंगासी गांव के तमाम लोगों ने एसडीएम से सूची बनाने में गड़बड़ी की शिकायत की।
उधर, उधूपुरा गांव के जगदीश, महेश और सुरेश ने बताया कि उनके खेत के चारों तरफ के खेत वालों का लेखपाल नुकसान होने की पुष्टि कर रहा है, लेकिन उनका नुकसान नहीं मान रहे हैं। जबकि सभी खेतों में फसल बिछी हुई है। जगदीश तहसील में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी है।
शिकायतों की जांच मौके पर जाकर स्वयं कर रहा हूं, जिसका नुकसान हुआ है उसे मुआवजा अवश्य मिलेगा। यदि सूची में नाम छूट गया है, तो दोबारा जोड़ दिया जाएगा। अब तक 206 ग्रामों में दस हजार दो सौ काश्तकारों को दो करोड़ आठ लाख का मुआवजा दिया जा चुका है। चेक बनाने और बांटने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
- ओपी तिवारी, एसडीएम