बिसौली। केबी हिंदी सेवा न्यास के छठे साहित्यिक कवि सम्मेलन में दूरदराज क्षेत्र के कवियों में अपनी रचनाएं पढ़ीं। पड़ोसी देश नेपाल से आए अतिथियों और शहर के डॉ. रामबहादुर व्यथित समेत कई साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नेपाल से आए त्रिभुवन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. घनश्याम परिश्रमी ने की। मुख्य अतिथि नेपाल के ही प्रोफेसर देवीपंथी तथा विशिष्ट अतिथि गीतकार शिव कुमार रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों समेत न्यास के अध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्र शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
डॉ. घनश्याम परिश्रमी ने कहा- तुम्हें साथ देंगे कदम-दर कदम हम, यूं समझो कि हम हैं तुम्हारे ही हमदम। दीपक गोस्वामी ने कहा- सभी को मानकर अपना जरा देखो जहां वालों। बने सब एक मिट्टी के सभी रब ने बनाए हैं। गीतकार राजेश यादव ने सुनाया-ह्रदय पटल पर पीड़ाओं के तुझको चित्र हजार मिलेंगे। जब गुजरोगे मेरी गली से अश्कों के अंबार मिलेंगे। इसके अलावा गजलकार ओंकार सिंह, शिवकुमार चंदन, बीएन मिश्र, ज्ञानप्रकाश, विजय कुमार सक्सेना आदि ने भी रचनाएं सुनाईं। कार्यक्रम में साहित्यकार डॉ. रामबहादुर व्यथित को सूर्यकांत त्रिपाठी निराला स्मृति सम्मान से अलंकृत किया गया। संस्था के अध्यक्ष ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।