अलापुर। नगर पंचायत की चेयरमैन हुमा-बी ने डीआईजी को प्रार्थनापत्र देकर अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सब साजिश के कारण उन्हें फंसाए जाने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
नगर पंचायत चेयरमैन हुमा बी, उनके पति फहीम उद्दीन और लिपिक गार्गी गुप्ता के खिलाफ अधिशासी अधिकारी त्रिवेंद्र कुमार ने गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अधिशासी अधिकारी ने आरोप लगाया है कि चेयरमैन, उनके पति और लिपिक ने उनके हस्ताक्षर को स्कैन करके ई-निविदा निकाली और उसका समय बढ़ाने के लिए उनके हस्ताक्षर गलत तरह से उपयोग किए गए।
मुकदमा दर्ज होने के बाद चेयरमैन ने डीआईजी को प्रार्थनापत्र देकर अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। साथ ही कहा है कि वह करीब आठ माह की गर्भवती हैं। इसी के चलते वह 12 से 23 दिसंबर तक दिल्ली में रहकर अपना रूटीन चेकअप और उपचार करा रहीं थी। उन्होंने 14 नवंबर को अधिशासी अधिकारी की डीएम से शिकायत की थी कि वह न तो समय से निविदा आमंत्रित करते और न ही निविदा को समय से खोलते हैं। जिससे विकास कार्यों में बाधा पड़ती है।