वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में मौजूद सदस्य। संवाद
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उझानी (बदायूं)। कृषि विज्ञान केंद्र की सलाहकार समिति ने वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी देते हुए आने वाले दिनों में किसानों के लिए रोजगार परक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की वकालत की है। नए वित्तीय वर्ष में मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन पर जोर रहेगा। फसल प्रदर्शनी के जरिए किसानों को फसलों से अच्छी पैदावार के फार्मूले समझाए जाएंगे। साथ ही केंद्र परिसर में उत्कृष्ट मुर्गी पालन सेंटर बनेगा।
वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक दोपहर बाद शुरू हुई। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के संयुक्त निदेशक (प्रसार) डॉ. गोपाल सिंह की मौजूदगी में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. संजय कुमार और क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. एसबी सिंह ने अगले साल के लिए वार्षिक कार्ययोजना प्रस्तुत की।
समिति के सदस्यों ने आपसी चर्चा के बाद खासकर किसान हितों से जुड़े प्रस्तावित कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया। इसके तहत कृषि वैज्ञानिकों की ओर से किसानों को फसलों से अच्छी पैदावार लेने के लिए इलाके में फसल प्रदर्शनी लगेगी। किसानों को उन्नतशील बीज मुहैया कराके वैज्ञानिकों की देखरेख में खेती कराई जाएगी।
कृषि वैज्ञानिकों का मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन पर जोर रहेगा। मशरूम उत्पादन के जरिए किसानों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
प्रभारी अधिकारी डॉ. संजय कुमार के मुताबिक, कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में निर्माणाधीन भवन में उत्कृष्ट मुर्गी पालन सेंटर बनेगा। अच्छी नस्ल की मुर्गियों का पालन कर केंद्र की ओर से पोल्ट्री फार्म से जुड़े किसानों को चूजे मुहैया कराए जाएंगे। इनकी अलग-अलग प्रजातियां होंगी। प्रगतिशील किसानों में राजेश प्रताप सिंह, साधना सिंह, लीलाधर, रूपेश पटेल और दुर्गपाल ने फसलों से जुड़े मुद्दों पर वैज्ञानिकों से मशविरा किया। सलाहकार समिति की बैठक में मेरठ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक केजी यादव, कृषि निदेशक रामवीर कटारा, यूपी डास्प के डीपीसी एके मिश्रा, जिला गन्ना अधिकारी रामकिशन, जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह, कृषि रक्षा पर्यवेक्षक डॉ. मनोज गुप्ता समेत कृषि विज्ञान केंद्र और अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक मौजूद रहे। संवाद