भाजपा सरकार ने चुनावी वादे को पूरा करते हुए जिले में किसी किसान का एक रुपया तो किसी के दो रुपये माफ करने के बाद उनको प्रमाण पत्र भी दी दे दिया। बावजूद इसके ऋण माफी में कभी आधार लिंक कराने तो कभी नोड्यूज के लिए किसानों को आए दिन बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जिले में चार लाख से अधिक किसान हैं। इनमें से पहले चरण में करीब 23 हजार लघु और सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्जा माफ किया गया है। जबकि जिले में 28 हजार से अधिक किसानों ने आधार कार्ड लिंक कराया था। इसके बाद भूलेख का सत्यापन किया गया। इनमें से 25 हजार से अधिक किसान पात्र पाए गए, लेकिन ऋ ण करीब 23 हजार किसानों का माफ किया गया। वहीं करीब 60-70 किसान ऐसे हैं जिनका एक पैसे से लेकर 100 रुपये तक का कर्जा माफ किया गया। किसानों का कहना है कि सरकार ने जो ईमानदार किसान हैं, उनका कर्जा माफ नहीं किया गया है, सिर्फ बेवकूफ बनाया है। किसानों का कहना है कि एक-दो पैसे का प्रमाण पत्र देकर और परेशानी बढ़ा दी गई है। अब नोड्यूज के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।