बदायूं। चार चिटफंड कंपनियां खोलकर करीब 35 हजार लोगों से आठ सौ करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में जेल भेजे गए सगे भाइयों सूर्यकांत व शशिकांत मौर्य पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। पहले इनके विरुद्ध बदायूं में दर्ज सभी पांच केसों में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। अभी दो केस में चार्जशीट लगनी शेष है। जबकि, तीन केसों में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की जा चुकी है।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि आरोपी दोनोंं भाइयों पर बदायूं में पांच और बरेली में चार केसों सहित कुल 9 केस दर्ज हुए थे। इसमें कोतवाली में दर्ज तीन केसों में विवेचना पूरी कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की जा चुकी है। कोतवाली में जुलाई माह में दर्ज केस व एक अन्य केस में विवेचना की जा रही है। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों मामलों की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की जाएगी। इसके बाद दोनों भाइयों के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार शाम बदायूं पुलिस ने एसटीएफ गौतमबुद्धनगर के साथ मिलकर दोनों सगे भाइयों को लखनऊ के आलमबाग स्थित एक फ्लैट से गिरफ्तार किया था। मंगलवार को दोनों भाइयों को न्यायालय के सामने पेश कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने दोनों से लैपटॉप, डायरी के साथ अन्य उपकरण बरामद किए। बदायूं के अशोक सम्राट नगर निवासी सगे भाई शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य ने शहर के जालंधरी सराय में अमर ज्योति कंपनी लिमिटेड रजिस्टर्ड, अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड नाम से चिटफंड कंपनियां खोली थीं। इसी के साथ दोनों ने बरेली के कटरा चांद खां में अमर ज्योति रुहेलखंड और अमर ज्योति हायर परचेज नाम से चिटफंड कंपनियां खोली थीं। ठगी करने के बाद दोनों भाई फरार हो गए थे। हाईकोर्ट में खुद को दिवालिया घोषित कराने की भी कोशिश की थी।