बदायूं। शिकायतों के बाद जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) को हटा दिया गया है। अब उनको लखनऊ संबद्ध कर दिया गया है। उन पर आरोप लगने के बाद डीएम ने भी उन्हें हटाने की संस्तुति की थी।
डीडीओ अजय प्रताप सिंह पर जिले में कई आरोप लगे। वह विवादों में रहे। उन पर इस्लामनगर के गांव नूरपुर पिनौनी के प्रधान राधेश्याम गिरी से जांच के नाम पर दो लाख रुपये मांगने के आरोप लगे थे। उस समय प्रधान खाकर गिर गए थे। प्रधान का आरोप था कि छह माह पहले तत्कालीन बिल्सी एसडीएम संजय सिंह, लेखपाल और कानून गो ने गोशाला की जमीन का पट्टा गलत तरीके से कर दिया था। इस मामले में प्रधान ने मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि उस मुकदमे को वापस लेने के लिए डीडीओ दबाव बना रहे थे। एमएलसी वागीश पाठक ने भी उनकी शिकायत मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों से की थी। इसी तरह अन्य शिकायतों के बाद डीडीओ की शासन से आए अधिकारियों ने जांच की। सोमवार को उन्हें ग्राम विकास विभाग के संयुक्त सचिव प्रहलाद बनरवाल ने लखनऊ में संबद्ध कर दिया।
सीडीओ केशव कुमार ने बताया कि डीडीओ को लखनऊ संबद्ध कर दिया गया है। अब डीडीओ का प्रभार डीआरडीए के पीडी अखिलेश कुमार चौबे को दिया गया है।
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